सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज

rakesh nandan

05/06/2026

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलैस इलाज : गंधर्वा राठौड़

हमीरपुर। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को प्रधानमंत्री राहत योजना (पीएम-राहत योजना) के तहत 1.5 लाख रुपये तक के मुफ्त और कैशलैस उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

शुक्रवार को हमीर भवन में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद यदि घायल व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर किसी सरकारी अथवा सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, तो उसे इस योजना का लाभ मिल सकता है।

उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलैस उपचार उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त घायल व्यक्ति का सात दिनों तक निशुल्क इलाज किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध कोई भी अस्पताल सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को भर्ती करने से इनकार नहीं कर सकता।

गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में अस्पतालों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ई-डार (e-Detailed Accident Report) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) के एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दुर्घटना से संबंधित आवश्यक जानकारी अपलोड करते ही घायल व्यक्ति के कैशलैस इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के मामलों में समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवश्यक ऑनलाइन जानकारी बिना किसी देरी के अपलोड की जाए, ताकि पीड़ितों को तुरंत उपचार मिल सके। उन्होंने इसे योजना की सफलता का सबसे अहम पहलू बताया।

उपायुक्त ने डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर, जिला के अन्य सरकारी अस्पतालों तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने संस्थानों में ऑनलाइन डेटा एंट्री और योजना संचालन के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को ऑनलाइन प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण की आवश्यकता हो तो तुरंत जिला सड़क सुरक्षा समिति को सूचित किया जाए।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पीएम-राहत योजना से संबंधित जानकारी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जानी चाहिए। इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सूचना बोर्ड और पोस्टर लगाए जाएं, ताकि आम लोगों को योजना की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में लोग ऐसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते।

गंधर्वा राठौड़ ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी योजना की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के मामलों में पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंचती है, इसलिए उन्हें योजना के प्रावधानों की जानकारी होना जरूरी है। इससे घायल व्यक्तियों को तुरंत सही मार्गदर्शन और सहायता मिल सकेगी।

उन्होंने अन्य विभागों के अधिकारियों को भी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक चिंता किए बिना तत्काल अस्पताल पहुंचकर इलाज शुरू कराया जा सकता है। इससे दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला के दौरान ई-डार परियोजना के जिला प्रबंधक अरविंद ठाकुर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन अपलोडिंग प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने ई-डार और टीएमएस प्लेटफॉर्म पर दुर्घटना संबंधी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया और तकनीकी पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) राजीव ठाकुर, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम संजीत सिंह, शशिपाल शर्मा, स्वाति डोगरा और निशांत शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय अत्री, विभिन्न बीएमओ, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक तथा अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यशाला में शामिल हुए।

उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।