पांवटा में गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा देने को हस्ताक्षर अभियान

rakesh nandan

25/04/2026

जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में गौ संरक्षण और सम्मान को लेकर एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने और देशभर में गौ हत्या पर रोक लगाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

इस अभियान में शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपने हस्ताक्षर कर इस मुहिम का समर्थन किया। आयोजन का उद्देश्य समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सरकार तक जनभावनाओं को पहुंचाना था।

अभियान के बाद 27 अप्रैल को एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने, देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और बेसहारा घूम रही गौवंश को उचित आश्रय प्रदान करने की मांगें शामिल की गई हैं।

इस मौके पर सचिन ओबरॉय ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि गौ सम्मान अभियान की शुरुआत वर्ष 2025 में वृंदावन धाम में आयोजित संत समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक में की गई थी। इस बैठक में देशभर के संतों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर यह निर्णय लिया था कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए एक व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 27 अप्रैल 2026 को देश की लगभग 5000 तहसीलों से करीब 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य यह दिखाना है कि देश की बड़ी आबादी गौ संरक्षण के पक्ष में है और इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

पांवटा साहिब में आयोजित इस हस्ताक्षर अभियान को भी इसी राष्ट्रीय स्तर की मुहिम का हिस्सा बताया गया। स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि गौ संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ रही है और लोग इस विषय पर अपनी राय खुलकर सामने रख रहे हैं।

सचिन ओबरॉय ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की जाएगी कि सड़कों पर बेसहारा घूम रही गौ माता के लिए स्थायी आश्रय स्थल बनाए जाएं, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके। साथ ही, गौ हत्या पर सख्त कानून लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

अभियान के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने इस तरह के अभियानों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बताया।

यह अभियान केवल हस्ताक्षर एकत्र करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों को इस मुद्दे से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि जब बड़ी संख्या में लोग किसी मुद्दे पर अपनी सहमति जताते हैं, तो सरकार तक उनकी आवाज प्रभावी तरीके से पहुंचती है।

आने वाले दिनों में इस अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके। 27 अप्रैल को भेजे जाने वाले ज्ञापन को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस पहल से यह संदेश साफ है कि पांवटा साहिब सहित जिला सिरमौर में गौ संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और वे इस विषय पर सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं। यह अभियान सामाजिक सहभागिता और जनभावनाओं को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।