नाहन में विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

rakesh nandan

25/04/2026

नाहन में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। माता पद्मावती कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इसके बचाव के उपायों से अवगत कराना रहा।

इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस की थीम “Driven to end Malaria: Now we can. Now we must” रही, जो मलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी की आवश्यकता को दर्शाती है। इसी थीम को ध्यान में रखते हुए कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थियों ने मिलकर कई जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया।

कार्यक्रम के तहत बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष की छात्राओं ने डॉ. वाई. एस. परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जाकर मरीजों, उनके परिजनों और आमजन को मलेरिया के प्रति जागरूक किया। छात्राओं ने सरल और प्रभावी तरीके से लोगों को मलेरिया के लक्षणों, इसके फैलने के कारणों और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और शरीर में कमजोरी शामिल हैं। यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए समय रहते पहचान और इलाज बेहद जरूरी है।

छात्राओं ने लोगों को यह भी बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी का उपयोग करना, पूरी बाजू के कपड़े पहनना और मच्छर भगाने वाले उपाय अपनाना इस बीमारी से बचने के प्रभावी तरीके हैं।

कॉलेज परिसर में इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कॉलेज के विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से मलेरिया से बचाव, स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व को दर्शाया।

पोस्टरों में मच्छरों से बचाव के उपाय, साफ-सफाई का संदेश और समय पर उपचार की आवश्यकता को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस प्रतियोगिता ने न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मकता को बढ़ावा दिया, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता को भी प्रभावी तरीके से समाज तक पहुंचाने में मदद की।

कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी इस आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य है।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मलेरिया जैसी बीमारियों को केवल दवाइयों से ही नहीं, बल्कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से भी नियंत्रित किया जा सकता है। जब समाज का हर व्यक्ति इस दिशा में जिम्मेदारी निभाएगा, तभी मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

माता पद्मावती कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां समय-समय पर मिलती रहें।

इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया, बल्कि समाज के बीच स्वास्थ्य शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया, जिसने जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों को मजबूत किया।