किन्नौर में नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर बैठक

rakesh nandan

24/04/2026

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला में नशा मुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सक्रिय कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त कार्यालय रिकांग पीओ में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशा विरोधी गतिविधियों की समीक्षा करना और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाना था।

बैठक में उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि नशा आज के समय की एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है, जिससे समाज का हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि जब तक प्रशासन, शिक्षा संस्थान और समाज मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। इसके तहत स्कूलों और महाविद्यालयों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, रैलियां निकालने, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने के लिए उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है।

उपायुक्त ने बैठक में यह भी चिंता जताई कि “चिट्टा” जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ समाज में तेजी से फैल रहे हैं, जो युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। उन्होंने इसे समाज के लिए जहर के समान बताते हुए इसे जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता बताई।

बैठक के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें जन-जागरूकता अभियान, नशा विरोधी रैलियां, कार्यशालाएं, सेमिनार, स्कूल और कॉलेज स्तर पर आयोजित गतिविधियां, काउंसलिंग सेवाएं और नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से उपचार जैसी पहलों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।

डॉ. अमित कुमार शर्मा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इस अभियान को जमीनी स्तर तक सशक्त रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है। इसके लिए हर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि किन्नौर के विभिन्न मंदिर समितियों और युवक मंडलों को पत्र लिखकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया जाएगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर नशा विरोधी संदेशों से युक्त होर्डिंग्स लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंच सके।

उपायुक्त ने युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखा जाए, तो वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकते हैं। इसके लिए खेल प्रतियोगिताओं और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए।

बैठक में पुलिस उप अधीक्षक राज कुमार, जिला पंचायत अधिकारी संजय कुमार, जिला कल्याण अधिकारी नितिन राणा, प्रधानाचार्य डाइट कुलदीप नेगी, सहायक आयुक्त आबकारी एवं कराधान ऋषभ कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि किन्नौर में नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर प्रशासन गंभीर और सक्रिय नजर आ रहा है। यदि सभी विभाग और समाज मिलकर प्रयास करें, तो इस अभियान को सफल बनाकर नशे जैसी गंभीर समस्या पर काबू पाया जा सकता है।