हरोली में 2.03 करोड़ से जलाशय जीर्णोद्धार शुरू

rakesh nandan

21/04/2026

हरोली विधानसभा क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने मंगलवार को बीटन गांव में वर्षा जल संग्रहण जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। इस परियोजना पर लगभग 2.03 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे अगले छह महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यह पहल केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जल संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ-साथ लेकर चलना ही सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत हरोली क्षेत्र में जल संसाधनों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Mukesh Agnihotri ने बताया कि वर्षा जल संग्रहण को मजबूत करने के लिए क्षेत्र में कई योजनाएं एक साथ चलाई जा रही हैं। उन्होंने पूबोवाल में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तालाब का उदाहरण देते हुए इसे एक सफल मॉडल बताया, जिसने स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम दिए हैं।

इसके अतिरिक्त, गोन्दपुर जयचंद, दुलैहड़ और हिरां थड़ा जैसे क्षेत्रों में भी तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जा रहा है, जो कभी ग्रामीण जीवन का अहम हिस्सा हुआ करते थे।

उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पूरे क्षेत्र में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से प्राचीन टोबे और तालाबों का व्यापक कायाकल्प किया जा रहा है। इन जल स्रोतों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से विकसित कर उन्हें आकर्षक और बहुउद्देशीय सरोवरों के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। यह पहल न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय सौंदर्य को भी नया आयाम देगी।

उन्होंने कहा कि एक समय में ये टोबे वर्षा जल संग्रहण, पशुओं के पेयजल और सिंचाई का प्रमुख स्रोत थे। लेकिन समय के साथ उपेक्षा के कारण इनका महत्व कम होता चला गया। अब सरकार इन पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर रही है, जिससे भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

परियोजनाओं के तहत तालाबों के आसपास हरियाली विकसित करने, पैदल पथ बनाने और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे। इसके साथ ही, इन प्रयासों से भूजल स्तर को संतुलित करने में भी मदद मिलेगी, जो वर्तमान समय में एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरोली क्षेत्र में चल रहे ये कार्य विकास, विरासत और भविष्य के बीच संतुलन स्थापित करने का एक सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार की पहल से आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण की मजबूत आधारशिला तैयार होगी।

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष Sandeep Agnihotri सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे। सभी ने इस परियोजना को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसकी सराहना की।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि हरोली में जल संरक्षण के लिए शुरू की गई यह पहल न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी, बल्कि भविष्य के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना प्रदेश में जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।