हमीरपुर में लगेंगे स्मार्ट मीटर, उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

rakesh nandan

21/04/2026

जिला हमीरपुर में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। भारत सरकार की आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) योजना के तहत पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में विद्युत उपमंडल-2 हमीरपुर के सहायक अभियंता सौरभ राय ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं उठाना पड़ेगा। यानी स्मार्ट मीटर लगाने की पूरी प्रक्रिया सरकार की योजना के अंतर्गत ही पूरी की जा रही है और इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।


⚡ स्मार्ट मीटर क्यों जरूरी हैं?

स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से लैस होते हैं, जो बिजली खपत की सटीक और रियल-टाइम जानकारी प्रदान करते हैं। इससे बिजली वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और कुशल बनती है। सहायक अभियंता सौरभ राय ने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी संशोधित विनियम-2026 के अनुसार, जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्मार्ट मीटर उपलब्ध करवाना अनिवार्य किया गया है।


📜 कानूनी प्रावधान भी लागू

उन्होंने जानकारी दी कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 163 (1) के तहत बिजली कंपनी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि को यह अधिकार है कि वह उचित सूचना देकर किसी भी परिसर में प्रवेश कर मीटर की जांच, मरम्मत या प्रतिस्थापन कर सकता है। इसके साथ ही धारा 163 (3) के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अधिकृत अधिकारी को अपने परिसर में प्रवेश करने से रोकता है, तो लिखित सूचना देने के 24 घंटे बाद उसकी बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से काटी जा सकती है।


🏢 अधिकृत एजेंसी को सौंपा गया कार्य

हमीरपुर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अधिकृत एजेंसी को सौंपा गया है। यह कार्य अप्रावा हमीरपुर स्मार्ट मीटर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है, जो निर्धारित प्रक्रिया के तहत मीटर बदलने का कार्य कर रही है। हालांकि, कुछ उपभोक्ताओं द्वारा एजेंसी और कर्मचारियों को मीटर बदलने के लिए अपने परिसरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है।


💡 बिजली दरों और सब्सिडी पर कोई असर नहीं

सहायक अभियंता ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद वर्तमान पोस्टपेड उपभोक्ताओं की बिजली दरों या सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मीटर सामान्यतः लाइसेंसी की संपत्ति होते हैं और उनका बदलना एक नियमित तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है।


🤝 उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिकृत अधिकारियों और एजेंसी को पूरा सहयोग दें। सौरभ राय ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और कुशल बनेगी, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।


⚠️ नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद करना भी शामिल हो सकता है।


📊 भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम

स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम न केवल बिजली की खपत को बेहतर तरीके से ट्रैक करने में मदद करेगा, बल्कि इससे बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और तकनीकी हानियों को भी कम किया जा सकेगा। यह पहल देशभर में बिजली वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।