79वां हिमाचल दिवस: रिकांग पियो में भव्य समारोह

rakesh nandan

15/04/2026

हिमाचल प्रदेश ने आज अपना 79वां हिमाचल दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि राज्य स्तरीय मुख्य समारोह रिकांग पियो में आयोजित हुआ। समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व डीएसपी उमेश्वर राणा ने किया, जिसमें पुलिस, होमगार्ड, आईटीबीपी, एनसीसी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के दलों ने हिस्सा लिया।

महान विभूतियों को श्रद्धांजलि

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं दीं और हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राज्य के गठन में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का गठन 15 अप्रैल 1948 को हुआ था और यह दिन प्रदेश के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है।

महिलाओं और विकास योजनाओं के लिए घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिले की पात्र महिलाओं के लिए ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की। इसके साथ ही रिकांग पियो में भू-तापीय ऊर्जा आधारित केंद्रीय हीटिंग प्रणाली लागू करने की घोषणा भी की गई, जिससे क्षेत्र के सरकारी संस्थानों और घरों को लाभ मिलेगा। उन्होंने तरांडा गांव के लिए 8 करोड़ रुपये की लागत से सुरंग निर्माण, छोल्टू स्कूल को वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर अपग्रेड करने और सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की भी घोषणा की।

आधारभूत ढांचे को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 करोड़ रुपये की लागत से बनी निगुलसरी-भावानगर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने रिकांग पियो और शिमला के बीच हेली-टैक्सी सेवा शुरू होने की जानकारी भी दी। इसके अलावा 415 करोड़ रुपये की लागत से 66 केवी पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना शुरू की जाएगी, जिससे करीब 17,500 लोगों को लाभ मिलेगा।

सीमा व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शिपकी-ला के माध्यम से चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से पुनः शुरू किया जाएगा। साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी इस मार्ग से शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

कर्मचारियों के लिए राहत

मुख्यमंत्री ने श्रेणी-1 और श्रेणी-2 अधिकारियों के वेतन स्थगन के निर्णय को वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित भुगतान मई तक कर दिए जाएंगे। साथ ही पुलिस विभाग के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन मानद पद देने की घोषणा की गई।

आर्थिक चुनौतियों पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करने से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि इससे राज्य को हर वर्ष 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा, लेकिन सरकार नए संसाधन जुटाकर विकास कार्यों को जारी रखेगी।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दूध, गेहूं, मक्का और हल्दी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा मछुआरों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य और आर्थिक सहायता देने की योजना लागू की गई है।

स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है और जल्द ही अन्य संस्थानों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा समारोह

समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।