विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हमीरपुर द्वारा नालंदा महाविद्यालय झनियारी में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं को तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से तंबाकू विरोधी संदेश समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने बताया कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों तथा अन्य अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण बनता है। छात्रों ने लोगों से तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील भी की।
वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए तंबाकू में मौजूद हानिकारक रसायनों और उनके शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को चित्रों और संदेशों के माध्यम से प्रस्तुत किया। पोस्टरों के जरिए युवाओं को यह संदेश दिया गया कि तंबाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
कार्यक्रम में बीसीसी कोऑर्डिनेटर सलोचना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य को धीरे-धीरे गंभीर रूप से प्रभावित करती है और कई बार यह जानलेवा बीमारियों का कारण बन जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से तंबाकू मुक्त जीवन शैली अपनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर जन शिक्षा एवं संप्रेषण अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन कैंसर, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों को आमंत्रण देने जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि तंबाकू को सभी प्रकार के नशों की जननी माना जाता है, क्योंकि इसकी लत अक्सर अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की ओर भी ले जाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सरकार द्वारा लागू तंबाकू नियंत्रण कानूनों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। इसके अलावा खुली बीड़ी या सिगरेट बेचना कानूनन अपराध है। स्कूलों और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इन नियमों का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू की पहुंच से दूर रखना और समाज को नशामुक्त बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन न करने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम भी घोषित किए गए। भाषण प्रतियोगिता में अरमान शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मोहित कुमार द्वितीय और साक्षी तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में साक्षी ठाकुर ने प्रथम, पलक ने द्वितीय तथा कनिका ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि उनके बैंक खातों के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राध्यापिका अर्चना शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि युवाओं को तंबाकू के खिलाफ जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।