जिला हमीरपुर की छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन हमीरपुर एक विशेष सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। ‘नवदिशा’ नामक इस शिक्षा एवं ग्रामीण उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन 6 जून को उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन हमीरपुर, स्वयंसेवी संस्था वीनस फाउंडेशन तथा देश के प्रसिद्ध ऑनलाइन शिक्षण संस्थान फिजिक्सवाला के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप तैयार करना है। विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे वे अपने करियर को लेकर बेहतर निर्णय ले सकेंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और कौशल विकास युवाओं के भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में ‘नवदिशा’ सम्मेलन छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देने का एक प्रभावी मंच साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ता विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा के अवसरों और करियर विकल्पों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
सम्मेलन का पहला सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन की रणनीति, समय प्रबंधन, करियर चयन तथा भविष्य में रोजगार और उच्च शिक्षा से जुड़े अवसरों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुसार उभरते करियर विकल्पों और नई संभावनाओं से भी अवगत कराया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को अक्सर करियर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। इस प्रकार के कार्यक्रम उनके लिए उपयोगी साबित होंगे और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास विकसित करना भी है।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र दोपहर 2 बजे से साढ़े 3 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें ग्रामीण उद्यमिता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस सत्र में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के संभावित उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञ प्रतिभागियों को बताएंगे कि वे सीमित संसाधनों के साथ भी सफल उद्यम स्थापित कर सकते हैं। उन्हें सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, स्टार्टअप अवसरों, स्वरोजगार कार्यक्रमों तथा ग्रामीण उद्योगों के बारे में भी जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे युवाओं और महिलाओं को रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में प्रेरणा मिलेगी।
ग्रामीण उद्यमिता आज आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बन रही है। कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, डिजिटल सेवाएं, स्वरोजगार और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। सम्मेलन में इन विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि शिक्षा और उद्यमिता दोनों ही सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के प्रमुख साधन हैं। यदि छात्राओं को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले तथा युवाओं को उद्यमिता के अवसरों की जानकारी उपलब्ध हो तो वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिले की छात्राओं, महिलाओं और युवाओं से इस सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को नई संभावनाओं से जोड़ने और उनके भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है। सम्मेलन में भाग लेने वाले विद्यार्थियों और उद्यमियों को विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने तथा अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
‘नवदिशा’ सम्मेलन शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और ग्रामीण उद्यमिता को एक मंच पर लाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे जिले के युवाओं और महिलाओं को भविष्य की नई राहें तलाशने में सहायता मिलेगी।