देश में इस वर्ष शुरू हो रही जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप दिया गया है। पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे जनगणना कार्य अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक तरीके से पूरा किया जा सकेगा। इसी क्रम में नगर निगम हमीरपुर क्षेत्र में भी 1 जून से स्वगणना प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 15 जून तक जारी रहेगी।
नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा ने सोमवार को स्वयं स्वगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे डिजिटल जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और निर्धारित अवधि के भीतर अपनी तथा अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करें।
आयुक्त ने बताया कि जनगणना के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वगणना पोर्टल उपलब्ध कराया गया है, जहां नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी अपलोड कर सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य लोगों को सरल और सुविधाजनक माध्यम उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वयं अपनी जानकारी सही और पूर्ण रूप से दर्ज कर सकें।
उन्होंने बताया कि स्वगणना पोर्टल 1 जून से 15 जून तक खुला रहेगा। इस दौरान नागरिक पोर्टल पर जाकर पूछी गई जानकारी भर सकते हैं और आवश्यक विवरण ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट आईडी नंबर प्रदान किया जाएगा, जो आगे की जनगणना प्रक्रिया में उपयोग किया जाएगा।
राकेश शर्मा ने कहा कि स्वगणना की यह व्यवस्था जनगणना को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल आंकड़ों की शुद्धता बढ़ेगी बल्कि जनगणना कर्मचारियों का कार्यभार भी कम होगा। नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करेंगे तो किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना भी कम रहेगी।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वगणना पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें और अपने परिवार की सभी आवश्यक जानकारियां समय पर दर्ज करें। इससे जनगणना का कार्य निर्धारित समय में पूरा करने में मदद मिलेगी और प्रशासन को भी सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।
आयुक्त ने बताया कि स्वगणना चरण समाप्त होने के बाद जनगणना प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा। इसके तहत 16 जून से 15 जुलाई तक मकानों का सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान नियुक्त प्रगणक घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे और मकानों का रिकॉर्ड तैयार करेंगे।
उन्होंने कहा कि मकान सूचीकरण और गणना की प्रक्रिया जनगणना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए सभी नागरिकों को प्रगणकों का सहयोग करना चाहिए और मांगी गई जानकारी सही एवं समय पर उपलब्ध करवानी चाहिए। इससे आंकड़ों की विश्वसनीयता बनी रहेगी और प्रशासनिक योजनाओं के निर्माण में सहायता मिलेगी।
जनगणना किसी भी देश के विकास और योजना निर्माण का आधार मानी जाती है। जनसंख्या, आवास, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं तैयार करती है। इसलिए जनगणना में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना प्रणाली से डेटा संग्रहण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और प्रभावी होगी। ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण भी तेजी से किया जा सकेगा, जिससे नीति निर्माण में मदद मिलेगी।
नगर निगम आयुक्त राकेश शर्मा ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि जनगणना हमारे लोकतंत्र और विकास की रीढ़ है तथा इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं और संसाधनों के वितरण का आधार बनते हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, स्वगणना पोर्टल का उपयोग करें और जनगणना से जुड़े प्रत्येक चरण में प्रशासन का सहयोग करें। इससे न केवल जनगणना प्रक्रिया सफल होगी बल्कि विकास योजनाओं के लिए सटीक और विश्वसनीय आंकड़े भी उपलब्ध हो सकेंगे।