यूको आरसेटी से आत्मनिर्भर बनीं सिरमौर की युवतियां

rakesh nandan

03/06/2026

हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं का संचालन कर रही है। जिला सिरमौर में स्थित यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) नाहन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान द्वारा विभिन्न व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

विशेष रूप से ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम ने जिले की अनेक युवतियों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पिछले तीन वर्षों में यूको आरसेटी नाहन द्वारा ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के सात विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कुल 166 युवतियों और महिलाओं ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

संस्थान के आंकड़ों के अनुसार इन 166 प्रशिक्षित महिलाओं में से 72 महिलाएं अपना स्वयं का रोजगार स्थापित करने में सफल रही हैं। वहीं शेष 94 महिलाएं भी स्वरोजगार या रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। संस्थान इन महिलाओं को आर्थिक सहायता, बैंक ऋण, उद्यमिता मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने में सहायता कर रहा है।

यूको आरसेटी नाहन केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को व्यवसाय संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान करता है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यक्तित्व विकास, विपणन (मार्केटिंग), ग्राहक व्यवहार, संचार कौशल और उद्यमशीलता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें सफल उद्यमी बनने के लिए तैयार करना है।

संस्थान के ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि 35 दिन होती है। प्रत्येक बैच में लगभग 28 से 30 युवतियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी संस्थान द्वारा निशुल्क की जाती है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों की महिलाएं भी आसानी से इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकें।

इसके अलावा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठानों और व्यवसायिक इकाइयों के अनुभव भ्रमण पर भी भेजा जाता है। इससे उन्हें व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होता है और वे आधुनिक तकनीकों तथा बाजार की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।

यूको आरसेटी की एक विशेष पहल यह भी है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी संस्थान प्रतिभागियों के साथ दो वर्षों तक संपर्क बनाए रखता है। इस दौरान यदि किसी महिला को व्यवसाय शुरू करने या संचालित करने में किसी प्रकार की समस्या आती है तो संस्थान उसे मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करता है।

इसी प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सिरमौर जिले के गांव सेन की सैर की रहने वाली ज्योति ठाकुर हैं। 24 वर्षीय ज्योति ठाकुर आज जिले में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।

ज्योति ने इतिहास विषय में स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) की शिक्षा प्राप्त की है। पढ़ाई के दौरान उन्हें मेहंदी लगाने और सौंदर्य कला में विशेष रुचि थी। धीरे-धीरे उन्होंने इस रुचि को अपने करियर में बदलने का निर्णय लिया और वर्ष 2020 से ब्यूटीशियन के क्षेत्र में कार्य करना शुरू कर दिया।

हालांकि, अपने कौशल को और बेहतर बनाने तथा व्यवसायिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए उन्होंने वर्ष 2023 में यूको आरसेटी नाहन से एक माह का ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कोर्स किया। ज्योति बताती हैं कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें नई दिशा और प्रेरणा दी। यहां उन्हें न केवल तकनीकी कौशल प्राप्त हुआ बल्कि व्यवसाय प्रबंधन और ग्राहक सेवा के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

आज ज्योति स्वयं एक सफल ब्यूटीशियन के रूप में कार्य कर रही हैं। इतना ही नहीं, वे अब अन्य महिलाओं को भी ब्यूटीशियन कोर्स का प्रशिक्षण देने के लिए पात्र बन चुकी हैं। वर्तमान में वे इस व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।

ज्योति का कहना है कि उनके कार्य की पहचान लगातार बढ़ रही है और ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में उनकी आय और अधिक बढ़ेगी। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।

यूको आरसेटी नाहन के प्रयास न केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बना रहे हैं। संस्थान का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सफल पहल के रूप में उभर रहा है।