जिला हमीरपुर में तंबाकू नियंत्रण कानूनों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय उड़न दस्ते ने बुधवार को विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से संबंधित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश खुली सिगरेट एवं बीड़ी की बिक्री निषेध और सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के खुदरा व्यापार विनियमन अधिनियम, 2016 तथा कोटपा एक्ट, 2003 के तहत जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में गठित जिला स्तरीय उड़न दस्ते ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान कोट क्षेत्र में दो दुकानदार तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इसके बाद उनके विरुद्ध हिमाचल प्रदेश खुली सिगरेट एवं बीड़ी की बिक्री निषेध और सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के खुदरा व्यापार विनियमन अधिनियम, 2016 की धारा 3 के तहत कार्रवाई की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार दोनों दुकानदारों पर कुल 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में कोटपा एक्ट, 2003 की धारा 4 के तहत एक चालान भी किया गया, जिसमें 600 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इस प्रकार अभियान के दौरान कुल 10,600 रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं बल्कि लोगों को कानूनों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास है।
डॉ. अजय अत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा तंबाकू नियंत्रण के लिए बनाए गए कानूनों का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से बचाना है। खुली सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के पीछे भी यही उद्देश्य है कि तंबाकू उत्पादों की आसान उपलब्धता को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। विशेष रूप से युवाओं में तंबाकू की लत को रोकने के लिए कानूनों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
उड़न दस्ते में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री के अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अभिषेक ठाकुर, एएसआई प्रकाश चंद तथा संदीप कुमार भी शामिल रहे। टीम ने विभिन्न दुकानों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर नियमों की स्थिति का आकलन किया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दुकानदारों को कानून के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी। उन्हें बताया गया कि खुली सिगरेट और बीड़ी की बिक्री कानूनन प्रतिबंधित है तथा उल्लंघन की स्थिति में आर्थिक दंड और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
डॉ. अत्री ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तंबाकू नियंत्रण को लेकर गंभीर हैं। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे तंबाकू नियंत्रण कानूनों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से बचें। साथ ही अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से ही तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में सार्थक प्रगति की जा सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन नियमित निरीक्षण और जागरूकता अभियान दोनों को समान महत्व दे रहा है।