सिरमौर में 10.54 ग्राम चिट्टा सहित दो आरोपी गिरफ्तार

rakesh nandan

02/05/2026

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डिटेक्शन सेल की टीम ने नोहराधार-राजगढ़ रोड पर केयर नाला के पास नाकाबंदी के दौरान दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10.54 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद किया है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई नियमित जांच अभियान के तहत की गई। टीम ने संदेह के आधार पर दो व्यक्तियों को रोका और तलाशी लेने पर उनके पास से प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज वर्मा (उम्र 38 वर्ष), निवासी नोहराधार, जिला सिरमौर और सतीश कुमार (उम्र 41 वर्ष), निवासी बल्लाह, तहसील असंध, जिला करनाल, हरियाणा के रूप में हुई है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना संगड़ाह में NDPS Act 1985 की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जा रहा है, ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाने की योजना थी।

जांच एजेंसियां इस मामले को केवल एक छोटी घटना मानकर नहीं चल रही हैं, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क या गिरोह की संभावना भी तलाश रही हैं। पुलिस का मानना है कि यदि इस नेटवर्क का खुलासा होता है तो नशा तस्करी के बड़े गिरोह तक पहुंचा जा सकता है।

हाल के वर्षों में हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में नशा तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिससे युवाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में पुलिस द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सिरमौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस आम जनता से भी अपील कर रही है कि यदि उन्हें नशा तस्करी से संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुलिस न केवल नशे के खिलाफ गंभीर है, बल्कि समाज को इस खतरे से बचाने के लिए लगातार प्रयासरत भी है। नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

अंत में, पुलिस ने दोहराया कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक इसे पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।