भाजयुमो ने सरकार पर लगाया युवाओं से विश्वासघात का आरोप

rakesh nandan

02/05/2026

भारतीय जनता युवा मोर्चा हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष सन्नी शुक्ला ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर युवाओं के साथ विश्वासघात करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने एक कड़ा प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार का ध्यान युवाओं को रोजगार देने के बजाय सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवा विस्तार देने पर केंद्रित है।

प्रेस को संबोधित करते हुए सन्नी शुक्ला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का शिक्षित युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 6.32 लाख से अधिक हो चुकी है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-2022 में बेरोजगारी दर लगभग 4% थी, जो अब बढ़कर 5.4% तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा, “एक ओर प्रदेश का युवा सरकारी नौकरियों के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः सेवा में रखकर युवाओं के अवसरों को सीमित कर रही है।”

सन्नी शुक्ला ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (ENC) को दिए गए छह महीने के सेवा विस्तार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे प्रशासनिक नैतिकता के खिलाफ बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपने चहेते अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बैक डेट में आदेश जारी कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या प्रदेश में वर्तमान अधिकारियों में योग्यता की कमी है, जो बार-बार सेवानिवृत्त अधिकारियों को ही जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। उनका कहना है कि यह प्रवृत्ति प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है।

भाजयुमो अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सेवा विस्तार की नीति के कारण विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे न केवल नए पदों पर भर्ती रुक रही है, बल्कि पहले से कार्यरत कर्मचारियों में भी निराशा बढ़ रही है।

उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस जैसे महत्वपूर्ण विभागों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में स्टाफ की भारी कमी है, बावजूद इसके नियमित भर्तियों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। इससे आम जनता को भी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सन्नी शुक्ला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस नीति को नहीं बदला, तो भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि युवा अब अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को तैयार हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपने ही पुराने आदेशों के विपरीत कार्य कर रही है, जिसमें सेवा विस्तार न देने की बात कही गई थी। इससे सरकार की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आता है।

भाजयुमो की प्रमुख मांगें

भाजयुमो अध्यक्ष ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से सभी विभागों में दिए गए सेवा विस्तार के आदेशों को तुरंत रद्द करना शामिल है। इसके अलावा लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने और लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पक्षपातपूर्ण नीतियों को समाप्त करने की भी मांग की।

अंत में सन्नी शुक्ला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का युवा अब जागरूक हो चुका है और वह अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो इसका राजनीतिक और सामाजिक असर देखने को मिलेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर पहले से ही बहस जारी है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बन सकता है।