शिमला में नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

rakesh nandan

08/05/2026

शिमला में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने और नशा मुक्त समाज के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला स्तरीय मासिक एनकॉर्ड बैठक में उपायुक्त एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और उनकी संपत्तियों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी एसडीएम और डीएसपी ने पिछले एक माह के दौरान नशे के खिलाफ चलाए गए अभियानों और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला पुलिस नशे के खिलाफ प्रभावी और बेहतरीन तरीके से कार्य कर रही है। प्रशासन और पुलिस की लगातार कार्रवाई से पड़ोसी राज्यों के नशा तस्करों में भी डर का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान और उनकी अवैध संपत्तियों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।

अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि पटवारी अपने क्षेत्रों में नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित एसडीएम को भेजें। इसके बाद एसडीएम इन मामलों की गहन निगरानी करेंगे ताकि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को इस कार्रवाई में राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों का पूरा सहयोग मिलेगा। नशा तस्करों की संपत्तियों से जुड़ी सूचनाएं समय पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को भी व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इस संबंध में आयोजित गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप की जानकारी जिला के सभी स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी ताकि युवा वर्ग को नशे से दूर रखने के प्रयास मजबूत किए जा सकें।

बैठक में पंचायत चुनावों के दौरान अवैध शराब की तस्करी और स्टॉकिंग पर भी विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने एक्साइज विभाग को निर्देश दिए कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के दौरान अवैध शराब और उसके भंडारण पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित विभाग लगातार बैठकें आयोजित कर जिला को नशा मुक्त बनाने की दिशा में कार्य करें।

उपायुक्त ने कहा कि एनकॉर्ड समिति नशे की समस्या को सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नियंत्रित करने का प्रयास करती है। समिति प्रशासन और समाज के सहयोग से शिमला को नशा मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके माध्यम से अपराध कम करने के साथ युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग नशा कारोबारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। एनडीपीएस मामलों में तेजी से जांच और कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायती चुनावों के दौरान नशा कारोबार में संलिप्त लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी क्योंकि ऐसे लोग चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि अंतर्राज्यीय नशा गिरोहों का लगातार भंडाफोड़ किया जा रहा है। हालांकि नशे से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच की प्रक्रिया अभी धीमी है, लेकिन राजस्व विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद इसमें और तेजी लाई जा सकेगी।

बैठक में शिक्षा विभाग ने जानकारी दी कि अगले एक माह में जिला के सभी स्कूलों को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले स्कूलों को टीबी मुक्त संस्थान का प्रमाणपत्र भी जारी किया जाएगा।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।