शिमला समर फेस्टिवल 2026 में होगी पहली एंटी चिट्टा अंडर-21 वॉलीबॉल चैंपियनशिप, विजेता टीम को मिलेगा 1 लाख रुपये का पुरस्कार
शिमला, 29 मई। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और खेलों के प्रति आकर्षित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन शिमला द्वारा एक विशेष पहल की जा रही है। शिमला समर फेस्टिवल-2026 के दौरान पहली एंटी चिट्टा अंडर-21 जिला स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप (बॉयज) का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों के चयन हेतु 5 जून 2026 को एम.सी. ग्राउंड संजौली में चयन परीक्षण आयोजित किए जाएंगे।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) Pankaj Sharma ने जानकारी देते हुए बताया कि चयन परीक्षण सुबह 10 बजे से शुरू होंगे। इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अपनी जन्म तिथि का मूल प्रमाण पत्र और आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ही खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में केवल वही खिलाड़ी भाग लेने के पात्र होंगे जिनका जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ हो। अंडर-21 वर्ग के लिए निर्धारित इस प्रतियोगिता में जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। चयन परीक्षणों के माध्यम से तीन जिला स्तरीय वॉलीबॉल टीमों का गठन किया जाएगा, जो इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शिमला जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी।
पंकज शर्मा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को चिट्टे जैसे घातक नशे से दूर रखना और उन्हें खेलों तथा सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एंटी चिट्टा अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और यह वॉलीबॉल चैंपियनशिप उसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में नशा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में खेल गतिविधियां युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करती हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो उन्हें समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है।
प्रतियोगिता को आकर्षक बनाने के लिए प्रशासन ने पुरस्कार राशि की भी घोषणा की है। विजेता टीम को 1 लाख रुपये नकद पुरस्कार के साथ ट्रॉफी और मेडल प्रदान किए जाएंगे। वहीं उपविजेता टीम को 50 हजार रुपये तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
इसके अलावा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों और खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा। क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली पांच टीमों को 20-20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार कुल पांच क्वार्टर फाइनलिस्ट टीमों को अलग से सम्मानित किया जाएगा, जिससे प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा और उत्साह दोनों बढ़ेंगे।
व्यक्तिगत श्रेणी में भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा जाएगा। प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ अटैकर, सर्वश्रेष्ठ ब्लॉकर, सर्वश्रेष्ठ सेटर और सर्वश्रेष्ठ लिबेरो को 5-5 हजार रुपये नकद पुरस्कार तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे। इससे खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने बताया कि खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजक समिति द्वारा यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता तथा रहने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूरदराज क्षेत्रों के खिलाड़ी भी बिना किसी आर्थिक परेशानी के प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे।
उन्होंने जिले के सभी पात्र खिलाड़ियों, खेल प्रशिक्षकों और शिक्षण संस्थानों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चयन परीक्षणों में अधिक से अधिक युवा भाग लें ताकि जिले की सर्वश्रेष्ठ टीमों का गठन किया जा सके। यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगी बल्कि युवाओं को नशे के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश भी देगी।
शिमला समर फेस्टिवल-2026 के तहत आयोजित की जा रही यह पहली एंटी चिट्टा अंडर-21 जिला स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप खेल और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम साबित हो सकती है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ेंगे और नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।