एचपीवी टीकाकरण का आखिरी मौका, 31 मई तक लगवाएं टीका

rakesh nandan

29/05/2026

महिलाओं में होने वाले गंभीर और जानलेवा रोगों में शामिल सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र लड़कियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे 31 मई तक यह मुफ्त टीका अवश्य लगवाएं, क्योंकि इसके बाद पात्र आयु सीमा पार करने वाली लड़कियों को भविष्य में इस विशेष अभियान का लाभ नहीं मिल सकेगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी Dr. Ajay Atri ने बताया कि सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू किया गया यह विशेष अभियान 31 मई को समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लड़कियों की आयु 14 से 15 वर्ष के बीच है, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। समय रहते टीकाकरण करवाकर वे भविष्य में इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

डॉ. अजय अत्री ने जानकारी दी कि शुक्रवार को जिले में 15 लड़कियों ने एचपीवी वैक्सीन लगवाई। इसके साथ ही जिले में अब तक कुल 1,370 लड़कियां इस अभियान के तहत टीकाकरण करवा चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि अभियान समाप्त होने से पहले सभी पात्र लड़कियों तक यह सुविधा पहुंचाई जाए।

उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के अन्य जिम्मेदार नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि विद्यालयों, परिवारों और समुदायों की सहभागिता से ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि कोई भी पात्र लड़की इस महत्वपूर्ण टीके से वंचित न रह जाए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सर्विकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है। यह रोग मुख्य रूप से लंबे समय तक रहने वाले संक्रमण के कारण विकसित होता है। चिकित्सकीय अध्ययनों के अनुसार सर्विकल कैंसर से प्रभावित लगभग 99.7 प्रतिशत महिलाओं में इसका प्रमुख कारण लगातार बना रहने वाला संक्रमण पाया गया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं में स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) के बाद सर्विकल कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। एक अध्ययन के अनुसार प्रत्येक एक लाख महिलाओं में लगभग 14 महिलाएं इस बीमारी से प्रभावित पाई जाती हैं। यह आंकड़ा इस रोग की गंभीरता को दर्शाता है और समय पर रोकथाम के महत्व को भी स्पष्ट करता है।

डॉ. अत्री ने बताया कि एचपीवी वायरस के संक्रमण को सर्विकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। यही कारण है कि विश्वभर में किशोरावस्था में एचपीवी टीकाकरण को इस बीमारी की रोकथाम का प्रभावी उपाय माना गया है। टीकाकरण के माध्यम से भविष्य में कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान पूरी तरह निःशुल्क है और पात्र आयु वर्ग की लड़कियों को बिना किसी शुल्क के टीका लगाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य भविष्य की पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना और महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और समय पर टीकाकरण के माध्यम से सर्विकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। कई विकसित देशों में एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जहां इस बीमारी के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि अभी भी जिन लड़कियों ने यह टीका नहीं लगवाया है, वे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी अस्पताल या निर्धारित टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लगवा सकती हैं। उन्होंने सभी पात्र लड़कियों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द टीकाकरण करवाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे अभियान भविष्य में गंभीर बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देते हैं।

31 मई को अभियान समाप्त होने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर सभी पात्र लड़कियों, उनके माता-पिता और शिक्षकों से सहयोग का आह्वान किया है ताकि अधिकतम संख्या में लड़कियों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके और उन्हें सर्विकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।