जिला किन्नौर के रिकांग पीओ में स्वच्छता को लेकर एक व्यापक और संगठित अभियान चलाया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस विशेष स्वच्छता अभियान का नेतृत्व अमित कल्थाइक, जो सचिव विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) एवं उपमंडलाधिकारी (नागरिक) हैं, ने किया।
यह अभियान रिकांग पीओ के साडा क्षेत्र में स्थित टैक्सी स्टैंड, मुख्य बाजार और विभिन्न सरकारी कार्यालय परिसरों में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना और आमजन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस अभियान में कुल 12 सरकारी विभागों ने सक्रिय रूप से भागीदारी निभाई, जिससे यह एक सामूहिक प्रयास के रूप में सामने आया।
अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालय परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कार्य किया। उन्होंने कचरे को व्यवस्थित रूप से एकत्रित किया और विशेष रूप से प्लास्टिक तथा सूखे कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया। इस तरह के कचरा पृथक्करण से उसके वैज्ञानिक निस्तारण और पुनः उपयोग को सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
इस व्यापक अभियान के तहत कुल लगभग 470 किलोग्राम कचरा एकत्रित किया गया, जिसे आगे निस्तारण के लिए पोवारी कूड़ा संयंत्र भेजा गया। यह पहल न केवल स्वच्छता के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
अभियान के दौरान अमित कल्थाइक ने स्वयं विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्य नहीं है, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने कार्यालय परिसरों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करें और कचरा पृथक्करण को अनिवार्य रूप से अपनाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को इस प्रकार का स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, ताकि इसे एक नियमित प्रक्रिया के रूप में विकसित किया जा सके। इससे न केवल सरकारी कार्यालयों का वातावरण स्वच्छ रहेगा, बल्कि आम जनता को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरणा मिलेगी।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिला किन्नौर के अन्य क्षेत्रों में भी समानांतर रूप से स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। विभिन्न ग्राम पंचायतों जैसे कल्पा, दूनी, पूर्बनी, सपनी, बारंग, चांसु, सुद्धारंग, थेंमगारंग, रक्छ्म, तेलंगी, ख्वांगी, पोवारी, सांगला और कामरू में स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इसके अतिरिक्त, विद्युत विभाग द्वारा टापरी और पूह क्षेत्रों में तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भाबानगर और पूह के कार्यालय परिसरों में भी सफाई अभियान चलाया गया। इस तरह यह अभियान पूरे जिले में एक व्यापक जनआंदोलन के रूप में उभरा।
उपमंडलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों और विभागों को निर्देश दिए कि एकत्रित कचरे का उचित और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के अभियानों को नियमित रूप से जारी रखा जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। जब तक समाज का हर व्यक्ति इस दिशा में योगदान नहीं देगा, तब तक स्वच्छता का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।
रिकांग पीओ में आयोजित यह अभियान यह दर्शाता है कि यदि प्रशासन और जनता मिलकर कार्य करें, तो स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह पहल न केवल किन्नौर जिले के लिए बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।