राजगढ़ नवजात मामला: मां व आरोपी की पहचान

rakesh nandan

23/04/2026

जिला सिरमौर के राजगढ़ स्थित नागरिक अस्पताल में नवजात शिशु के शव मिलने के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए मां की पहचान कर ली है। इस संवेदनशील मामले ने क्षेत्र में चिंता और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है।

NS Negi ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस मामले में नवजात को जन्म देने वाली मां की पहचान हो गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की है, जो स्कूल में पढ़ाई कर रही है।

पुलिस के अनुसार, घटना बीते दिन की है जब नाबालिग युवती ने राजगढ़ के नागरिक अस्पताल के शौचालय में एक नवजात शिशु को जन्म दिया। आरोप है कि जन्म के बाद नवजात को शौचालय में ही छोड़ दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद युवती मौके से चली गई।

इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संबंधित लोगों से पूछताछ कर सुराग जुटाए। इसी क्रम में नाबालिग मां की पहचान की गई।

NS Negi ने बताया कि नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए इसमें विशेष संवेदनशीलता और कानूनी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान भी कर ली गई है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, जिसमें यह भी देखा जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी समझना आवश्यक होता है। नाबालिग से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, ताकि कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ संवेदनशीलता भी बनी रहे।

इस घटना ने समाज में कई सवाल खड़े किए हैं, विशेषकर किशोरियों के स्वास्थ्य, जागरूकता और परामर्श सेवाओं की आवश्यकता को लेकर। ऐसे मामलों में समय पर सहायता और सही मार्गदर्शन मिलने से कई गंभीर घटनाओं को रोका जा सकता है।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस मामले में अफवाहों से बचें और किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। साथ ही, समाज के सभी वर्गों से संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की गई है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि यह मामला न केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और समर्थन प्रणाली की आवश्यकता को भी उजागर करता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर है।