जुब्बल उपमंडल की कोट काईना पंचायत में आयोजित जागा माता मंदिर के नवनिर्मित भवन के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री Rohit Thakur ने भाग लिया। इस पावन अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए जागा माता से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Rohit Thakur ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है और यह केवल एक उपमा नहीं, बल्कि यहां की आस्था और संस्कृति का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कोने में देवी-देवताओं का वास है और यहां की सांस्कृतिक विरासत विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक युग में जहां तकनीक और प्रतिस्पर्धा का महत्व बढ़ा है, वहीं अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवा यदि अपनी संस्कृति को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे, तो आने वाली पीढ़ियां भी इस समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा सकेंगी।
Rohit Thakur ने कोट काईना पंचायत में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि जागा माता मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 15.29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान 6 नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जिन पर लगभग 4.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बुशहर क्षेत्र में भी 18 नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन की सुविधाएं बेहतर हुई हैं। इसके साथ ही 1.56 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झड़ग का निर्माण कार्य जारी है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा 2.38 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सारी का भवन निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत मंढोल के अंतर्गत नाबार्ड से वित्तपोषित हरिजन बस्ती मंढोल से शेलापानी जोहटा सड़क का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में व्यापक विकास का उल्लेख करते हुए Rohit Thakur ने कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 175 नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।
उन्होंने बताया कि जुब्बल के डकैड़ गांव के समीप 17 करोड़ रुपये की लागत से शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। यह परियोजना शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम साबित होगी और भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
इसके अतिरिक्त कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र से बच्चों की पढ़ाई भी शुरू कर दी गई है और जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षा मंत्री Rohit Thakur ने खेलों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 9 खेल छात्रावास संचालित हो रहे हैं, जहां युवा खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ठाकुर राम लाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्थित खेल छात्रावास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यहां वॉलीबॉल के साथ-साथ अब कबड्डी, बैडमिंटन और जल्द ही बॉक्सिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस छात्रावास के नए भवन का निर्माण 2.27 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, जिससे छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें Yashwant Chhajta, Roopinder Dhalta, Kailash Manta, Ramkrishna Chauhan और Deepak Kalta सहित अन्य लोग शामिल रहे।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि धार्मिक आस्था और विकास कार्यों का यह संगम क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि बुनियादी सुविधाओं में सुधार के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में भी वृद्धि होगी।