महिला सुरक्षा पर ABVP ने सरकार पर उठाए सवाल

rakesh nandan

23/04/2026

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन की प्रदेश मंत्री Nancy Atal ने बयान जारी करते हुए कहा कि हाल के दिनों में प्रदेश में अपराधों में वृद्धि एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति को दर्शाती है।

Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मंडी जिला के सरकाघाट में हुई जघन्य घटना के बाद अब शिमला में 10वीं कक्षा की एक छात्रा पर जानलेवा हमला होना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Nancy Atal ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रदेश सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और आम जनता, विशेषकर महिलाएं और छात्राएं, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि शिमला में छात्रा पर हुआ हमला बेहद गंभीर है और यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है। हालांकि पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी को उन्होंने सराहनीय बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं का होना ही प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad ने मांग की है कि इस मामले में त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित को जल्द न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके।

Nancy Atal ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ऐसा कड़ा उदाहरण स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी अपराधी इस तरह का अपराध करने से पहले कई बार सोचने पर मजबूर हो।

उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए स्कूलों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

संगठन ने सुझाव दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए, पुलिस गश्त को सुदृढ़ किया जाए और महिला सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाए जाएं। इसके अलावा, छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन और हेल्पलाइन सेवाओं को भी प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो संगठन प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का विषय भी है। ऐसे में सरकार, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि बढ़ते अपराधों के बीच महिला सुरक्षा एक अहम मुद्दा बनकर उभरा है। इस पर गंभीरता से ध्यान देने और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि प्रदेश में सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।