किन्नौर के पूह में पशु मित्र भर्ती के लिए 9 जून को होगा शारीरिक दक्षता परीक्षण
रिकांगपिओ/पूह। पशुपालन विभाग द्वारा जिला किन्नौर के पूह उपमंडल में पशु मित्र के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी पूह डॉ. राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पात्र अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षण का आयोजन 9 जून 2026 को किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शारीरिक परीक्षण मेला ग्राउंड पूह में प्रातः 10 बजे से आरंभ होगा। भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होना होगा।
पशुपालन विभाग के अनुसार यह भर्ती पूह उपमंडल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पशु चिकित्सालयों में रिक्त पड़े पशु मित्र पदों को भरने के लिए की जा रही है। भर्ती के तहत रिब्बा, स्पीलो, मूरंग और ज्ञाबुंग क्षेत्र के पशु चिकित्सालयों में नियुक्तियां की जाएंगी।
डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि पशु मित्र ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन गतिविधियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पशुपालकों और पशुपालन विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं तथा पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण और अन्य सेवाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में सहयोग करते हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन संरक्षण और संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दे रही है। पशुपालन क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और बड़ी संख्या में परिवार अपनी आजीविका के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। ऐसे में पशु मित्रों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार पशुपालकों के कल्याण और पशुधन विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित और समर्पित कार्यकर्ताओं की आवश्यकता होती है। पशु मित्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होती है। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिलता है, जो पशुपालन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। पशुधन आधारित आजीविका ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होती है।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पशु मित्र न केवल पशुपालकों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराते हैं, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं, टीकाकरण अभियानों और पशु स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जागरूकता फैलाते हैं। इससे पशुओं की उत्पादकता बढ़ती है और पशुपालकों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित होने वाला शारीरिक दक्षता परीक्षण उम्मीदवारों की शारीरिक क्षमता का आकलन करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया के आगामी चरणों के लिए सफल उम्मीदवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार आगे अवसर प्रदान किए जाएंगे।
डॉ. राकेश कुमार ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से समय पर परीक्षण स्थल पर पहुंचने और विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न करवाई जाएगी।
पशुपालन विभाग का मानना है कि इन रिक्त पदों को भरने से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही पशुपालकों को अपने गांवों के नजदीक बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे पशुपालन व्यवसाय को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रदेश सरकार द्वारा पशुधन विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम पशुपालकों और ग्रामीण समुदाय के लिए लाभकारी साबित होने की उम्मीद है।