हमीरपुर में तंबाकू नियम उल्लंघन पर 13 चालान

rakesh nandan

06/06/2026

हमीरपुर में तंबाकू नियंत्रण अभियान तेज, नियम उल्लंघन पर 13 चालान

हमीरपुर। जिला हमीरपुर में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर रोक संबंधी कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को जिला स्तरीय उड़न दस्ते ने पट्टा और लदरौर क्षेत्र में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 13 चालान किए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश खुली सिगरेट एवं बीड़ी की बिक्री निषेध और सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के खुदरा व्यापार विनियमन अधिनियम, 2016 तथा कोटपा एक्ट, 2003 के तहत की गई।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कोटपा एक्ट की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से संबंधित 7 चालान किए गए, जबकि धारा 6 के अंतर्गत नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री अथवा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बिक्री से जुड़े मामलों में 6 चालान किए गए।

इस संयुक्त उड़न दस्ते में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अलावा औषधि निरीक्षक मोनिका शर्मा तथा पुलिस विभाग की चिट्टा मुक्त अभियान टीम भी शामिल रही। टीम ने विभिन्न दुकानों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर तंबाकू नियंत्रण कानूनों की अनुपालना की जांच की।

बिना लाइसेंस तंबाकू बिक्री पर चेतावनी

डॉ. अजय अत्री ने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि तंबाकू उत्पादों की बिक्री केवल वैध लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही की जाए। जिन व्यापारियों ने अभी तक लाइसेंस नहीं लिया है, वे इसे शीघ्र बनवाएं।

उन्होंने कहा कि लाइसेंसधारक दुकानदारों को अपना लाइसेंस दुकान के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि निरीक्षण के दौरान इसकी जांच की जा सके। इसके साथ ही दुकानदारों को खुली सिगरेट बेचने से भी बचना चाहिए, क्योंकि यह कानूनन प्रतिबंधित है।

खुली सिगरेट बेचने पर भारी जुर्माना

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यदि कोई दुकानदार खुली सिगरेट बेचते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि वही दुकानदार दोबारा नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो आर्थिक दंड के साथ कानूनी सजा का भी प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण कानूनों का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों विशेषकर युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना है।

स्कूलों के आसपास बिक्री पर विशेष निगरानी

डॉ. अजय अत्री ने बताया कि जिन दुकानदारों ने स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने का लाइसेंस प्राप्त कर रखा है, वे अपना लाइसेंस तत्काल संबंधित विभाग में जमा करवाएं। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रखेंगी ताकि तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा हो सके।