NEET पेपर लीक पर NSUI नेता जस्सी नेगी का हमला

rakesh nandan

15/05/2026

National Students’ Union of India के हिमाचल प्रदेश राज्य महासचिव एवं HPU शिमला प्रभारी Jassi Negi ने कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती घोटालों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और युवाओं का भरोसा प्रतियोगी परीक्षाओं से उठता जा रहा है।

जस्सी नेगी ने कहा कि देशभर के छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली अनियमितताओं के कारण उनका भविष्य असुरक्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इससे पूरे परीक्षा तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन मौजूदा समय में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार युवाओं को रोजगार मिलने के बजाय भर्ती घोटालों, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

जस्सी नेगी ने कहा कि आज देश का युवा मानसिक दबाव और असुरक्षा की स्थिति में जी रहा है। लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति छात्रों के आत्मविश्वास और भविष्य दोनों के लिए खतरनाक है।

NSUI नेता ने हिमाचल प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री Jai Ram Thakur के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों ने युवाओं के हितों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि उस दौरान भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार अनियमितताओं और कथित पेपर लीक मामलों की चर्चा होती रही, जिससे युवाओं में गहरी निराशा फैली।

उन्होंने मल्टी टास्क वर्कर पदों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं को लगभग 4000 रुपये मासिक वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया गया। जस्सी नेगी ने इसे युवाओं का शोषण बताते हुए कहा कि सरकार को युवाओं के लिए सम्मानजनक और स्थायी रोजगार उपलब्ध करवाने चाहिए थे।

जस्सी नेगी ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla की पुत्री को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मॉडलिंग क्षेत्र से आने के बाद पहले प्रयास में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण करने जैसे मामलों को लेकर सामान्य छात्रों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसे मुद्दों पर पारदर्शिता बेहद जरूरी है ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा व्यवस्था पर बना रहे।

उन्होंने कहा कि देश के कई छात्र सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती और सामान्य परिवारों से आने वाले छात्रों को होता है।

NSUI नेता ने केंद्र सरकार से मांग की कि पूरे देश में एक पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने यह भी मांग की कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जस्सी नेगी ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अंत में उन्होंने कहा कि देश का युवा रोजगार, पारदर्शिता और निष्पक्ष अवसर चाहता है। यदि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार करने में विफल रहती है तो युवाओं का आक्रोश आने वाले समय में और बढ़ सकता है।