नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक कदम: राजीव बिंदल

rakesh nandan

16/04/2026

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भाग लेते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

इस कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार और भाजपा जिला कांगड़ा अध्यक्ष सचिन शर्मा शामिल रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बनाया।

अपने संबोधन में डॉ. बिंदल ने कहा कि आज महिलाओं के सशक्तिकरण का दृष्टिकोण बदल चुका है। अब यह केवल महिला कल्याण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के माध्यम से पूरे समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीति निर्माण में संतुलन, संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण आएगा।

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि महिलाओं के जीवन के हर चरण को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 4.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है और ₹20,101 करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है।

पोषण 2.0 के तहत देशभर के 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। वहीं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के कारण जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार देखा गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

महिला सुरक्षा और सहायता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत 926 वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा, 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से लगभग 99 लाख महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है।

आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में डॉ. बिंदल ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 68% ऋण महिलाओं को प्रदान किए गए हैं और 14.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिला उद्यमियों को दी गई है। यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 10 करोड़ महिलाओं को जोड़ा गया है, जबकि 3 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर 2014 के 130 से घटकर 2023 में 88 हो गई है। वहीं, मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

डॉ. बिंदल ने यह भी बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत 10.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन वितरित किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है और जल जीवन मिशन के तहत 15.8 करोड़ घरों तक नल से जल की सुविधा पहुंचाई गई है। ये सभी कदम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का नामांकन बढ़ा है और उच्च शिक्षा एवं शोध में भी महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण की आधारशिला है, जहां हर महिला सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि भाजपा का लक्ष्य “सशक्त नारी, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र” के विजन को साकार करना है।