NH-105 देरी पर सुरेश कश्यप का कांग्रेस पर हमला

rakesh nandan

16/04/2026

हिमाचल प्रदेश में पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-105) के निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने इस मुद्दे पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कड़े शब्दों में घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाही और गैर-गंभीर रवैये के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना बुरी तरह प्रभावित हुई है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। खासकर बद्दी-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह मार्ग एक जीवनरेखा के समान है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को उन्होंने संसद में नियम 377 के तहत उठाया था, जिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की गई।

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को इस परियोजना में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। इसके चलते EPC कॉन्ट्रैक्टर M/s Patel Infrastructure के साथ किया गया अनुबंध समाप्त (foreclose) करना पड़ा। यह कदम परियोजना में लगातार आ रही रुकावटों के कारण उठाना पड़ा।

सांसद कश्यप ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश सरकार समय पर भूमि उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही। भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण परियोजना की प्रगति रुक गई और अंततः ठेकेदार को काम छोड़ना पड़ा। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की “प्रशासनिक विफलता” करार दिया और कहा कि इसका सीधा नुकसान हिमाचल की जनता और उद्योग जगत को उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार मार्च 2025 तक भी परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का पूर्ण हस्तांतरण नहीं हो पाया था। इसके अलावा, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी भी एक बड़ा कारण रही। आवश्यक अनुमतियों में देरी ने परियोजना को और पीछे धकेल दिया।

कश्यप ने यह भी बताया कि हरियाणा में खनन विभाग द्वारा मिट्टी उठाने की अनुमति लगभग एक वर्ष की देरी से दी गई, जिससे निर्माण कार्य की गति प्रभावित हुई। इसके अतिरिक्त, उच्च वोल्टेज (HT) बिजली लाइनों के स्थानांतरण में देरी और वर्ष 2023 में हुई भारी वर्षा जैसी परिस्थितियों ने भी कार्य में बाधा उत्पन्न की। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी कारणों में सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की ही है।

सांसद कश्यप ने केंद्र सरकार की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र लगातार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि नई निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि कार्य को जल्द से जल्द पुनः प्रारंभ किया जा सके। इसके साथ ही, राजमार्ग के रख-रखाव के लिए दो O&M एजेंसियों को तैनात किया गया है, जो सड़क की वर्तमान स्थिति को सुधारने में जुटी हैं।

उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई लगभग 30.300 किलोमीटर है, जिसमें से करीब 17 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश में आता है। यह मार्ग न केवल उद्योगों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे परिवहन और व्यापार गतिविधियों को सीधा लाभ मिलता है।

प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ढुलमुल नीति और निष्क्रियता के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना वर्षों पीछे चली गई है।

अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और प्रदेश के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन प्रदेश सरकार की निष्क्रियता हिमाचल के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन गई है।