हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट क्षेत्र के गोपालपुर में 19 वर्षीय छात्रा और SFI कार्यकर्ता सिया गुलेरिया की दिनदहाड़े हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के विरोध में SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के कार्यकर्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग उठाई।
सिया गुलेरिया, जो सरकाघाट के नैण गांव की निवासी थीं और BBA प्रथम वर्ष की छात्रा थीं, अपनी परीक्षा देने के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में एक व्यक्ति, जो कथित रूप से नशे में धुत था, ने उन पर तेज धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में सिया की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना न केवल बेहद दुखद है, बल्कि प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

इस घटना को लेकर आयोजित शोक सभा को संबोधित करते हुए SFI हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सिया के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है, जिसे तुरंत प्रभाव से जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि सिया की छोटी बहन की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार उठाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ सहारा मिल सके।
SFI नेताओं ने प्रदेश में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को इस घटना का एक बड़ा कारण बताया। उनका कहना है कि यदि समय रहते नशा माफिया पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे अपराधों में और वृद्धि हो सकती है। संगठन ने सरकार से मांग की कि नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं और प्रदेश में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं।

इस मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी शराब और हेरोइन के नशे में था, जो प्रदेश में फैल रही नशे की समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। SFI का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में नशे का बढ़ता जाल केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक गहरी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्या बन चुका है।
संगठन ने यह भी कहा कि बेरोजगारी और युवाओं में बढ़ती निराशा ने नशे की समस्या को और अधिक गंभीर बना दिया है। नशा माफिया खुलेआम युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा है और उनके भविष्य को अंधकारमय बना रहा है। SFI लंबे समय से मांग करती आ रही है कि नशा माफिया के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
इसके साथ ही संगठन ने यह भी सुझाव दिया कि युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाएं, ताकि वे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें। नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता बताई गई।
शोक सभा के अंत में SFI कार्यकर्ताओं ने सिया गुलेरिया को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। संगठन ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।

अंत में, SFI ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में न्याय की लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यह घटना पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि यदि समय रहते नशे और अपराध पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके परिणाम और भी भयावह हो सकते हैं।