हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जन्म उत्सव के पावन अवसर पर धार्मिक माहौल बन गया है। इस विशेष पर्व को लेकर शहर के प्राचीन श्री रघुनाथ मंदिर में अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया गया है, जो कल अक्षय तृतीया के दिन भंडारे के साथ संपन्न होगा।
अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म उत्सव भी मनाया जाता है, जो विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। इस कारण यह दिन धार्मिक दृष्टि से और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
रघुनाथ मंदिर में आज भगवान श्री राम के पूजन के साथ अखंड रामायण पाठ का विधिवत आरंभ किया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली और भक्ति का माहौल बना रहा। पूरे दिन भक्तों द्वारा रामायण पाठ, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।
मंदिर के पुजारी पण्डित प्रकाश दत्त शर्मा ने बताया कि हर वर्ष भगवान परशुराम जन्म उत्सव के अवसर पर मंदिर में इस प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस वर्ष भी परंपरा को निभाते हुए अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक प्रतीक ही नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने वाले जननायक भी हैं। उनके जीवन से हमें समाज में एकता, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
पंडित प्रकाश दत्त शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में भगवान परशुराम की विशेष मान्यता है और लोग उनके प्रति गहरी आस्था रखते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें और पुण्य के भागी बनें।
अखंड रामायण पाठ का समापन अक्षय तृतीया के दिन किया जाएगा, जिसके बाद मंदिर में भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इस भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करता है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोग एक-दूसरे के साथ जुड़ते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नाहन शहर में इस अवसर पर अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जन्म उत्सव के अवसर पर आयोजित यह अखंड रामायण पाठ नाहन में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।