हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पहली घटना नाहन के शंभुवाला क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी में हुई, जहां एक दर्दनाक हादसे में मजदूर की जान चली गई। वहीं दूसरी घटना संगड़ाह क्षेत्र की है, जहां रास्ता रोककर मारपीट का मामला सामने आया है।
फैक्ट्री में लिफ्ट हादसा, मजदूर की मौत
पुलिस थाना सदर नाहन में दर्ज मामले के अनुसार, शंभुवाला स्थित सनवेट हेल्थ केयर कंपनी में एक गंभीर हादसा हुआ। शिकायतकर्ता हरिश ने पुलिस को बताया कि 17 अप्रैल 2026 की शाम कंपनी में लगी लिफ्ट से असामान्य ‘टक-टक’ की आवाज आ रही थी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बारे में सुपरवाइजर प्रमोद को सूचित किया गया था, लेकिन कथित रूप से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बावजूद कार्य जारी रखा गया और लिफ्ट में पीवीसी के करीब 150 बंडल लोड कर दिए गए, जिससे लिफ्ट पर अत्यधिक भार पड़ गया।
अधिक भार के कारण लिफ्ट का लोहे का रस्सा अचानक टूट गया और उसमें रखा सारा सामान नीचे गिर गया। उस समय टीका राम लिफ्ट के बाहर खड़े होकर सामान संभाल रहे थे। अचानक भारी सामान उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 106(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
संगड़ाह में रास्ता रोककर मारपीट
दूसरी घटना संगड़ाह क्षेत्र में सामने आई है, जहां रास्ता रोककर मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता मांगा राम ने पुलिस को बताया कि जब वह गांव कोटी से अपने घर लौट रहे थे, तो रास्ते में दो व्यक्तियों ने उनका रास्ता रोक लिया और उनके साथ मारपीट की।
आरोपियों की पहचान नरेश और संजू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने डंडे से हमला किया, जिससे शिकायतकर्ता को चोटें आईं।
पुलिस थाना संगड़ाह ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 115(2), 352 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने दोनों मामलों में जांच जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपायों को कितना गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही, समाज में आपसी विवादों को हिंसा में बदलने की प्रवृत्ति भी चिंता का विषय है।
अंत में, यह स्पष्ट है कि प्रशासन और आम जनता दोनों को मिलकर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास करने होंगे, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।