नाहन में हवाई हमले से बचाव की मॉकड्रिल, सायरन- ब्लैकआउट अभ्यास

rakesh nandan

25/04/2026

हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर में नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए एक विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य युद्ध जैसी स्थिति या हवाई हमले की स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और नागरिकों की तैयारियों का आकलन करना था।

जिला मुख्यालय में आयोजित इस मॉकड्रिल के दौरान विभिन्न आपातकालीन प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया, जिसमें सायरन बजाना, ब्लैकआउट करना, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देना शामिल था। इस अभ्यास के माध्यम से यह जांचा गया कि किसी भी आपदा की स्थिति में संबंधित विभाग कितनी तेजी और प्रभावशीलता से कार्य कर सकते हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की पांचवीं वाहिनी नाहन के कमांडेंट तोताराम शर्मा ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8 बजे शहर में हवाई हमले की चेतावनी के रूप में सायरन बजाया गया। यह सायरन लगभग 2 मिनट तक धीमी ध्वनि में गूंजता रहा, जो किसी भी आपदा की स्थिति के लिए प्रारंभिक चेतावनी संकेत होता है।

सायरन बजने के तुरंत बाद निर्धारित क्षेत्रों में ब्लैकआउट किया गया। इस दौरान शहर के लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों और दुकानों की अनावश्यक लाइटें बंद रखें, ताकि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अभ्यास का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि ऐसी परिस्थितियों में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए।

तोताराम शर्मा ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान नागरिक सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने लोगों को सुरक्षित स्थानों और बंकरों तक पहुंचने का अभ्यास करवाया। इसके साथ ही, घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने और राहत कार्यों को संचालित करने का भी अभ्यास किया गया।

इस मॉकड्रिल में यह भी देखा गया कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय किस प्रकार से स्थापित किया जाता है। पुलिस, अग्निशमन विभाग और नागरिक सुरक्षा टीमों ने मिलकर इस अभ्यास को सफल बनाया। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि आपातकालीन स्थिति में सभी विभाग एकजुट होकर कार्य कर सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि आम जनता और प्रशासन दोनों ही आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रह सकें। इससे न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वास्तविक स्थिति में नुकसान को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने भी इस मॉकड्रिल में सहयोग दिया और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि नागरिकों में भी आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि नाहन में आयोजित यह मॉकड्रिल एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भविष्य में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और नागरिकों को तैयार करने में सहायक साबित होगी। इस तरह के अभ्यास न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि लोगों में आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।