हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में पंचायत चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार मतदाता सूचियों के प्रारूप प्रकाशन और उसके बाद अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत सरी और विकास खंड गोहर की ग्राम पंचायत नौण के निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 04 अप्रैल 2026 को किया गया था। इस प्रारूप प्रकाशन के माध्यम से आम जनता से दावे और आक्षेप आमंत्रित किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि को सुधारा जा सके।
अपूर्व देवगन ने बताया कि प्राप्त दावों और आक्षेपों का निपटारा करने के बाद अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 24 अप्रैल 2026 को कर दिया गया है। यह अंतिम सूची निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, जिसके आधार पर आगे की चुनावी प्रक्रिया संचालित की जाती है।
प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि मतदाता सूचियों की प्रतियां जनसाधारण के लिए आसानी से उपलब्ध रहें। इसके लिए उपायुक्त कार्यालय, संबंधित ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषद मंडी के कार्यालयों में मतदाता सूची की प्रतियां निःशुल्क निरीक्षण के लिए रखी गई हैं। आम नागरिक कार्यालय समय के दौरान इन सूचियों का अवलोकन कर सकते हैं।
उपायुक्त ने जनता से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपने नाम की जांच अवश्य करें। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो उसे नाम जोड़ने का अवसर दिया गया है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं जिला पंचायत अधिकारी मंडी (भ्यूली) के कार्यालय में आवेदन कर सकता है।
नाम जोड़ने के लिए निर्धारित प्रपत्र-2 में आवेदन करना होगा, जिसे दो प्रतियों में भरकर जमा करना आवश्यक है। इसके साथ दो रुपये का नाममात्र शुल्क भी निर्धारित किया गया है। यह प्रक्रिया निर्वाचन कार्यक्रम की अधिसूचना जारी होने तक जारी रहेगी, यानी इच्छुक व्यक्ति समय रहते अपना नाम सूची में शामिल करवा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची में नाम शामिल होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए बेहद जरूरी है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं होता है, तो वह मतदान का अधिकार प्रयोग नहीं कर पाएगा। इसलिए सभी नागरिकों को इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेना चाहिए।
अपूर्व देवगन ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न की गई है। दावों और आक्षेपों के निपटारे के दौरान सभी नियमों का पालन किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
यह कदम पंचायत चुनावों को सुचारू और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करता है।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि मंडी जिला में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन एक अहम प्रशासनिक उपलब्धि है। अब यह जिम्मेदारी नागरिकों की है कि वे अपने नाम की पुष्टि करें और यदि आवश्यक हो तो समय रहते अपना नाम सूची में शामिल करवाएं, ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकें।