जनगणना-2027: मंडीवासियों से स्व-गणना में भाग लेने की अपील

rakesh nandan

02/06/2026

जनगणना-2027 के तहत मंडी जिला में स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) अभियान को लेकर प्रशासन ने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने जिले के सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे 15 जून तक स्व-गणना पोर्टल पर अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें तथा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।

उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में संचालित किया जा रहा है। इस बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने का विकल्प दिया गया है, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी।

अपूर्व देवगन ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2027 का कार्य प्रदेशभर में दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। प्रथम चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित होगा, जिसके अंतर्गत ‘गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना’ का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों, भवनों और आवासीय सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्रित करेंगे।

उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में अगले वर्ष फरवरी माह के दौरान वास्तविक जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। इस चरण में परिवारों और व्यक्तियों से संबंधित विस्तृत जनसंख्या आंकड़े एकत्र किए जाएंगे, जो भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उपायुक्त ने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित होगी। गणनाकर्ता (एन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) मोबाइल उपकरणों की सहायता से डेटा संग्रह करेंगे। इससे आंकड़ों की शुद्धता बढ़ेगी और जानकारी का संकलन पहले की तुलना में अधिक तेज़ी से किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि नागरिकों को 1 जून से 15 जून तक स्व-गणना का विशेष अवसर दिया गया है। इस अवधि के दौरान परिवारों के मुखिया अथवा अन्य सदस्य ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने मकान, भवन और परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इससे बाद में होने वाली गणना प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी बन सकेगी।

उपायुक्त के अनुसार स्व-गणना की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल फोन के माध्यम से कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है। ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद संबंधित व्यक्ति को एक विशिष्ट पहचान संख्या (आईडी) प्राप्त होगी, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि जब 16 जून से प्रगणक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे, तब नागरिकों को यह आईडी उन्हें दिखानी होगी। इससे पहले से दर्ज की गई जानकारी को सत्यापित करने में सुविधा होगी और जनगणना कर्मियों का कार्य भी आसान हो जाएगा। इस प्रक्रिया से समय की बचत होगी और आंकड़ों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

अपूर्व देवगन ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की विकास योजनाओं का आधार होती है। जनसंख्या, आवास, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण करती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए।

उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करें। साथ ही उन्होंने गणनाकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और अन्य जनगणना अधिकारियों को भी सहयोग देने का आग्रह किया, ताकि अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जनगणना कार्य अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंडी जिला के लोग इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और सही जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना-2027 को सफल बनाने में योगदान देंगे।

डिजिटल जनगणना और स्व-गणना की यह नई व्यवस्था प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं के लिए अधिक सटीक और विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।