किन्नौर में सड़क सुरक्षा बैठक, 2026 में 10 मौतें

rakesh nandan

24/04/2026

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक आज रिकांग पीओ स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिले में 11 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 10 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं वर्ष 2025 में कुल 44 दुर्घटनाओं में 27 लोगों की जान गई थी। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 8 दुर्घटनाओं में 4 मौतें हुई थीं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस वर्ष दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है।

उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां शीघ्र सुधारात्मक कार्य किए जाएं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और ग्रेफ (GREF) के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़कों पर गति नियंत्रण, तीखे मोड़ों, ढलानों और अन्य खतरनाक स्थानों पर आवश्यक संकेतक लगाए जाएं। इससे वाहन चालकों को समय रहते सचेत किया जा सकेगा और दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकेगा।

बैठक में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹1.5 लाख तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा ‘स्वर्णिम समय’ के दौरान बिना किसी अग्रिम भुगतान के तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाई जा सके।

इसके अतिरिक्त, सड़क संकेतकों, रिफ्लेक्टर, क्रैश बैरियर की स्थापना, सड़क मरम्मत और रख-रखाव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने और नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आम जनता से भी अपील की कि वे वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सीट बेल्ट तथा हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा वर्ग में जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत विकसित हो सके।

इस अवसर पर कार्यकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह घनश्याम दास, उपमंडलाधिकारी निचार नारायण सिंह चौहान, पुलिस उप अधीक्षक राजकुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एल.के. जरयाल, क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल गुप्ता, प्रधानाचार्य डाइट कुलदीप नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि किन्नौर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए उठाए जा रहे ये कदम भविष्य में सड़क हादसों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।