हमीरपुर: सड़क हादसों के घायलों को मिलेगा 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज

rakesh nandan

25/05/2026

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सोमवार को उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम और सड़क हादसा पीड़ितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त एवं कैशलैस इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होने पर यह सुविधा लागू होगी और घायल व्यक्ति का अधिकतम सात दिन तक कैशलैस उपचार किया जा सकेगा।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कोई भी सूचीबद्ध अस्पताल सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को भर्ती करने से इनकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए अस्पताल स्तर पर ऑनलाइन अपलोडिंग प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में इस योजना से संबंधित पोस्टर और सूचना बोर्ड लगाए जाने चाहिए ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। साथ ही सड़क दुर्घटना के हर मामले की जानकारी तुरंत ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वाले नेक व्यक्तियों को राहवीर योजना के तहत ‘गुड सेमेरिटन’ पुरस्कार प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक जिला हमीरपुर से विजय कुमार नामक व्यक्ति की अनुशंसा इस पुरस्कार के लिए की गई है।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि अप्रैल माह में जिले में सड़क दुर्घटना के कुल 9 मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक व्यक्ति की मृत्यु हुई जबकि 14 लोग घायल हुए।

उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को कम करने, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।

उपायुक्त ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाईवे पर छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग गति सीमा स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन कर सकें और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह, आरटीओ राजीव ठाकुर, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा, एचआरटीसी के डीएम राजकुमार पाठक, समिति के सचिव एवं पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन दीपक कपिल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।