हमीरपुर पंचायत चुनावों में मतदान केंद्रों के 100 मीटर दायरे में प्रचार और हथियारों पर प्रतिबंध
जिला हमीरपुर में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने मतदान केंद्रों के आसपास चुनाव प्रचार गतिविधियों और हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए Gandharva Rathore ने बताया कि जिला की 242 ग्राम पंचायतों में 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में मतदान करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम-1994 की धारा 158-जी के तहत मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में सभी प्रकार की प्रचार गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) गंधर्वा राठौड़ ने स्पष्ट किया कि मतदान दिवस पर किसी भी मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा मतदाताओं को प्रभावित करने, लुभाने या चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और समर्थकों से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि मतदान केंद्रों के आसपास शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्रों के निकट प्रचार गतिविधियों पर रोक लगाने का उद्देश्य मतदाताओं को किसी प्रकार के दबाव या प्रभाव से मुक्त रखना है ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इसके साथ ही प्रशासन ने मतदान केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया है।
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम-1994 की धारा 158एन के तहत जारी आदेशों में मतदान केंद्रों तथा उसके आसपास हथियारों के साथ प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि मतदान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। उपायुक्त ने कहा कि चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क हैं।
उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम-1994 तथा आर्म्स एक्ट-1959 के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनावों में स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण प्रशासनिक सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
इसी कारण चुनाव आयोग और जिला प्रशासन मतदान केंद्रों के आसपास शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंध लागू करते हैं। जिला प्रशासन पहले ही मतदान प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए विभिन्न तैयारियां पूरी कर चुका है। मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं, सुरक्षा प्रबंधन और चुनावी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। प्रशासन ने मतदाताओं से भी चुनावी नियमों और निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की मूल इकाई को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने में सहयोग दें। उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी भय, दबाव या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से भी चुनाव आचार संहिता का पालन करने तथा मतदान केंद्रों के आसपास किसी प्रकार की अनुचित गतिविधि से बचने को कहा है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदान दिवस पर सभी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो तथा मतदाता निर्भय होकर मतदान कर सकें। जिला प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।