भाजपा ने कैबिनेट बैठक पर चुनाव आयोग से की शिकायत

rakesh nandan

23/05/2026

कैबिनेट बैठक को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग में दर्ज करवाई शिकायत

भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत चुनावों के दौरान आयोजित राज्य सरकार की मंत्रिमंडल बैठक को लेकर राज्य चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंचायत चुनावों के लिए आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार द्वारा ऐसे निर्णय लिए गए जो सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश चुनाव प्रकोष्ठ संयोजक J C Sharma के नेतृत्व में राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष Keshav Chauhan भी प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहे।

चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन

भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रदेश सरकार ने 22 मई को मंत्रिमंडल बैठक आयोजित की, जबकि उस समय पंचायती राज चुनावों के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू थी।

भाजपा का आरोप है कि इस बैठक में भर्ती, वित्तीय लाभ, वेतन वृद्धि, पेंशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई फैसले लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव चुनावी माहौल पर पड़ सकता है।

भाजपा ने उठाए निष्पक्ष चुनाव पर सवाल

जेसी शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रकार की घोषणाएं और निर्णय लेना चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आदर्श चुनाव आचार संहिता की भावना के विपरीत है और इससे निष्पक्ष चुनाव प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान सरकार को ऐसे फैसलों और घोषणाओं से बचना चाहिए था, जिनका राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।

फैसलों पर रोक लगाने की मांग

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मांग की कि सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों और जारी अधिसूचनाओं को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक स्थगित किया जाए।

इसके साथ ही भाजपा ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में उचित कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सरकार इस प्रकार के फैसले लेती है तो इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

चुनाव आयोग से सख्त कदम उठाने की मांग

जेसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश में निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी पंचायत चुनाव करवाना राज्य चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने आयोग से मामले में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी राजनीतिक दल या सरकार को अनुचित लाभ न मिले।

पंचायत चुनावों के बीच बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

प्रदेश में पंचायत चुनावों के चलते राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। विभिन्न राजनीतिक दल लगातार एक-दूसरे पर चुनावी लाभ लेने और आचार संहिता उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा द्वारा चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर चुनाव आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

सरकार के फैसलों को लेकर विपक्ष आक्रामक

भाजपा लगातार आरोप लगा रही है कि कांग्रेस सरकार पंचायत चुनावों के दौरान सरकारी घोषणाओं और फैसलों के माध्यम से चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान भर्ती, वित्तीय लाभ और अन्य योजनाओं से जुड़े फैसले लेना मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास माना जा सकता है।

हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

निष्पक्ष चुनाव पर जोर

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से यह भी आग्रह किया कि पंचायत चुनावों के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं।

भाजपा ने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो पार्टी इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।