गौतम कॉलेज में राष्ट्रीय फार्मेसी सम्मेलन आयोजित

rakesh nandan

23/05/2026

गौतम कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आधुनिक फार्मेसी विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

गौतम कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा 23 मई 2026 को “इंटीग्रेटिंग रिसर्च, प्रैक्टिस एंड एंटरप्रेन्योरशिप इन मॉडर्न फार्मेसी” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।

सम्मेलन में लगभग 390 विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग-अकादमिक सहयोग और उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ Dr. Rajneesh Gautam तथा Dr. Sanjay Kumar द्वारा किया गया।

दोनों शिक्षाविदों ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक फार्मेसी शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य समाज और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयोगी समाधान विकसित करना भी होना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों, अनुसंधान गतिविधियों और स्टार्टअप संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया ताकि वे स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक योगदान दे सकें।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में Gopal Krishna Sharma उपस्थित रहे।

उन्होंने अपने संबोधन में फार्मेसी शिक्षा में गुणवत्ता, नैतिकता और व्यावसायिक उत्कृष्टता पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि फार्मेसी क्षेत्र केवल दवाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं की संपूर्ण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों से पेशेवर जिम्मेदारियों को समझते हुए समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।

सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ वक्ताओं ने भी भाग लिया।

विशिष्ट वक्ताओं में A. K. Gautam, Dr. M. S. Ashawat तथा Dr. Chandan Bhardwaj शामिल रहे।

इन विशेषज्ञों ने आधुनिक फार्मेसी, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग और उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में फार्मेसी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और विद्यार्थियों को नई तकनीकों और अनुसंधान आधारित शिक्षा के साथ आगे बढ़ना होगा।

सम्मेलन के दौरान प्लेनरी व्याख्यान, मुख्य सत्र, शोध प्रस्तुतिकरण, उद्योग-अकादमिक संवाद और नवाचार आधारित चर्चाओं का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने पोस्टर एवं मौखिक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।

इस दौरान प्रतिभागियों को अपने शोध विचार साझा करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में Mohit Sharma ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि Ansh द्वितीय स्थान पर रहे।

वहीं मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में Rajat ने प्रथम, Vandana ने द्वितीय तथा Sandeep ने तृतीय स्थान हासिल किया।

सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि भविष्य में फार्मेसी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ने वाली है।

विशेषज्ञों के अनुसार फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में स्टार्टअप और रिसर्च आधारित उद्यमिता के नए अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की सलाह दी।

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक और शोध आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और नवाचार से जोड़ने में मदद मिल सके।