हमीरपुर में पंचायत चुनावों के दौरान संबंधित पंचायत क्षेत्रों में रहेगा सार्वजनिक अवकाश
जिला हमीरपुर में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर प्रशासन ने मतदान दिवस पर संबंधित पंचायत क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करवाना है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए Gandharva Rathore ने बताया कि पंचायत चुनावों के दौरान मतदान वाले दिन संबंधित पंचायत क्षेत्रों में सभी सरकारी और अर्द्ध सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक इकाइयां तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान भी मतदान दिवस पर बंद रखे जाएंगे ताकि कर्मचारी और आम नागरिक अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकें।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि यह अवकाश संबंधित पंचायत क्षेत्रों में लागू रहेगा जहां मतदान प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और प्रत्येक मतदाता की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है। इसी उद्देश्य से प्रशासन ने मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
जिला प्रशासन के आदेशों के अनुसार संबंधित पंचायत क्षेत्रों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी वैतनिक अवकाश प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम उन कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो सामान्य परिस्थितियों में कार्यस्थल के कारण मतदान नहीं कर पाते।
इसके अलावा ऐसे कर्मचारी जो अपने पंचायत क्षेत्र से बाहर हिमाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों में कार्यरत हैं, उन्हें भी मतदान के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा।
हालांकि इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को अपने मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी द्वारा जारी मतदान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी पात्र मतदाता केवल कार्य संबंधी कारणों की वजह से मतदान से वंचित न रहे।
उन्होंने सभी सरकारी विभागों, संस्थानों और निजी प्रतिष्ठानों से आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने से चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनावों का विशेष महत्व होता है क्योंकि पंचायतें स्थानीय विकास, जनसुविधाओं और ग्रामीण प्रशासन से जुड़े अनेक निर्णयों में अहम भूमिका निभाती हैं।
इसी कारण प्रशासन पंचायत चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और अधिक सहभागिता वाला बनाने के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा पहले ही चुनावों की तैयारियां पूरी किए जाने की जानकारी दी जा चुकी है।
मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए मतदान केंद्रों, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान कर्मियों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
प्रशासन ने लोगों से लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की है।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि मतदान प्रत्येक नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने मतदाताओं से अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करने का आग्रह किया।
प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहेंगे।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में सहयोग देने और किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना से बचने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र की नींव होते हैं और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही स्थानीय प्रशासन मजबूत बनता है।
प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके और चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के साथ संपन्न हो।