हमीरपुर में पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियां पूरी, तीन चरणों में होगा मतदान
जिला हमीरपुर में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला में कुल 1998 पदों के लिए तीन चरणों में मतदान कराया जाएगा। मतदान 26, 28 और 30 मई को सुबह 7 बजे से सायं 3 बजे तक होगा।
यह जानकारी देते हुए Gandharva Rathore ने बताया कि जिला की 242 ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने बताया कि पंचायत चुनावों के तहत ग्राम पंचायत प्रधान और उपप्रधान के कुल 484 पदों, पंचायत सदस्यों के 1376 पदों, बीडीसी सदस्यों के 119 पदों और जिला परिषद सदस्यों के 19 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि पहले चरण में जिला की 83 ग्राम पंचायतों, दूसरे चरण में 82 पंचायतों और तीसरे चरण में 77 पंचायतों में मतदान होगा।
उन्होंने बताया कि पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार 24 मई को सायं 3 बजे समाप्त हो जाएगा। इसी प्रकार दूसरे चरण के लिए 26 मई और तीसरे चरण के लिए 28 मई को चुनाव प्रचार थम जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनावों को निष्पक्ष बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए प्रशासन ने विभिन्न प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम-1994 की धारा 158बी के तहत आदेश जारी कर संबंधित पंचायतों में मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से पूर्व 48 घंटे की अवधि के दौरान चुनावी जनसभाओं, जुलूसों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सार्वजनिक बैठकों तथा टीवी और सिनेमा शो पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को स्वतंत्र और शांतिपूर्ण बनाए रखना है ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम-1994 की धारा 158जी के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा शराब की बिक्री और वितरण पर भी प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि संबंधित पंचायत क्षेत्रों में मतदान से पूर्व निर्धारित 48 घंटे की अवधि के दौरान किसी भी होटल, रेस्तरां, बार, क्लब, मैरिज पैलेस तथा सार्वजनिक या निजी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में शराब की बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम-1994 के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
चुनाव प्रक्रिया को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए मतदान केंद्रों, सुरक्षा व्यवस्था, पोलिंग पार्टियों और आवश्यक संसाधनों की तैयारी पूरी कर ली गई है।
प्रशासन द्वारा मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जमीनी इकाइयों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन से जुड़े निर्णयों में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका होती है।
इसी कारण प्रशासन चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरत रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने आम जनता से भी चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि मतदाता लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।
प्रशासन ने मतदाताओं से चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने का आग्रह भी किया है।
जिला प्रशासन का दावा है कि सभी चुनावी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं और मतदान प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न करवाया जाएगा।