जिले में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी दिशा में उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) गंधर्वा राठौड़ ने जिला स्तर पर विभिन्न नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभालने के लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है, ताकि हर स्तर पर समन्वय और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए हमीरपुर पुलिस के प्रमुख, एसपी हमीरपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें तथा मतदान केंद्रों, मतगणना केंद्रों और स्ट्रांग रूम्स के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मीडिया की भूमिका को भी अहम माना गया है। मीडिया सेल के लिए एडीसी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि जिला लोक संपर्क अधिकारी मीडिया के साथ सभी जरूरी सूचनाओं और आदेशों को साझा करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जनता तक समय पर सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने आगे बताया कि चुनाव से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की निगरानी के लिए जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम चुनाव से जुड़ी सभी गतिविधियों पर नजर रखेगा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।
इस कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी उपायुक्त के सहायक आयुक्त होंगे, जबकि पंचायतीराज विभाग के जिला ऑडिट ऑफिसर इसकी सभी व्यवस्थाओं को संचालित करेंगे। यह केंद्र शिकायतों के समाधान, सूचनाओं के आदान-प्रदान और आपात स्थितियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डाटा प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यों के लिए जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (डीआईओ) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि चुनाव से संबंधित सभी डाटा का सही तरीके से संकलन, अपलोडिंग और प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, चुनाव में तैनात होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके लिए निर्वाचन विभाग के तहसीलदार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करेंगे। इन सत्रों में मतदान प्रक्रिया, मतगणना और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारी पूरी तरह प्रशिक्षित हों, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या बाधा से बचा जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने सभी नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे राज्य निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत समाधान सुनिश्चित करें।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला होते हैं। ऐसे में इन चुनावों का सफल और पारदर्शी आयोजन अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सके।
अंत में, प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।