हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। गंधर्वा राठौड़ ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पानी की नियमित सैंपलिंग और टेस्टिंग के साथ-साथ सभी जलस्रोतों की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
बुधवार को जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि गर्मियों और मानसून के दौरान जल जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।
💧 सैंपलिंग और टेस्टिंग पर जोर
उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिले में अब तक—
- 1335 पेयजल सैंपल लिए गए
- 865 सैंपल फील्ड टेस्टिंग किट से जांचे गए
- 63 सेनिटरी सर्वे किए गए
उन्होंने जल शक्ति और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ सैंपलिंग और टेस्टिंग करने तथा रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए।
🏫 स्कूलों और पंचायतों की भूमिका
उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों और ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई फील्ड टेस्टिंग किटों का भी नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जा सके।
🧼 टैंकों की नियमित सफाई जरूरी
उन्होंने सभी जल टैंकों और स्कूलों की पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, सफाई से संबंधित लॉगबुक को अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया, जिसमें सफाई की तिथि और अन्य विवरण दर्ज हों।
📊 विभागीय प्रस्तुति
बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश गर्ग ने मिशन की गतिविधियों और पेयजल टेस्टिंग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
📢 आमजन के लिए संदेश
प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे स्वच्छ पेयजल के महत्व को समझें और जल स्रोतों की सफाई व संरक्षण में सहयोग करें, ताकि जल जनित बीमारियों से बचाव किया जा सके।