हिमाचल प्रदेश में सहायक वन रक्षक पदों के सृजन को लेकर विवाद गहराने लगा है। नाहन में वन रक्षक वन वृत्त एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध जताते हुए उपायुक्त प्रियंका वर्मा के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा।
🌲 फैसले के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध
एसोसिएशन का कहना है कि सहायक वन रक्षक के पद सृजन का निर्णय विभाग और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। एसोसिएशन के अध्यक्ष नायाब सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है, जो प्रशासनिक रूप से उचित नहीं है।
⚠️ “एक ही काम के लिए दो पद क्यों?”
उन्होंने कहा कि वन रक्षक का पहले से ही एक सुव्यवस्थित और प्रभावी कैडर मौजूद है। ऐसे में उसी कार्य के लिए एक समानांतर पद “सहायक वन रक्षक” बनाना भ्रम की स्थिति पैदा करेगा। “एक ही कार्य के लिए दो अलग-अलग श्रेणियों के पद बनाना किसी भी संगठनात्मक तर्क से परे है,” उन्होंने कहा।
📢 सरकार से मांग
एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सहायक वन रक्षक पदों के सृजन संबंधी अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाए। उनका कहना है कि यह फैसला विभाग के जमीनी ढांचे को कमजोर करेगा और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है।