हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में नशे की समस्या से निपटने के लिए जिला स्तरीय नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गंधर्वा राठौड़ ने की, जिसमें नशे की रोकथाम के लिए विभिन्न उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।
🚫 नशे पर सख्त निगरानी के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन और तस्करी एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिससे खासकर युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि—
- संदिग्ध स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जाए
- शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए
- नशे के संभावित हॉटस्पॉट्स और सुनसान क्षेत्रों की नियमित जांच हो
🏫 शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग और संस्थानों के प्रमुखों को भी निर्देश दिए गए कि वे अपने परिसरों और हॉस्टलों के आसपास निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
💊 केमिस्ट दुकानों की जांच
उपायुक्त ने कहा कि केमिस्ट दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
🏥 नशा मुक्ति केंद्रों का प्रचार
उन्होंने नशा उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि इससे नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को समय पर इलाज मिल सकेगा।
📞 सूचना देने की सुविधा
बैठक में पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ने बताया कि नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए—
- टोल फ्री नंबर 112
- ड्रग फ्री हिमाचल
पर सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव साझा किए।