जनगणना–2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ के सफल क्रियान्वयन के लिए आयोजित फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किन्नौर में संपन्न हो गया।
📊 प्रशिक्षण का उद्देश्य और महत्व
समापन अवसर पर सहायक आयुक्त (उपायुक्त) विपन ठाकुर ने कहा कि जनगणना नीति-निर्माण और विकास योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने 14 फील्ड ट्रेनरों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान को अपने अधीन 243 सुपरवाइजरों और गणनाकर्मियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं, ताकि कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
🧠 सटीक डेटा पर जोर
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी का जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन आवश्यक है, जिससे आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
इस प्रशिक्षण में लाहौल एवं स्पीति (ताबो एवं स्पीति क्षेत्र) के फील्ड ट्रेनरों ने भी भाग लिया।
📱 डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण
प्रतिभागियों को जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 की जानकारी के साथ-साथ एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) ऐप का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे डिजिटल डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को समझने में मदद मिली।
📅 आगे की प्रक्रिया
- जून 2026 में फील्ड ट्रेनर अपने अधीन कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे
- 1 जून से 15 जून 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration)
- 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन
यह प्रशिक्षण जनगणना कार्य निदेशालय के मास्टर ट्रेनरों प्रियांशु तिवारी, मनुज कुमार (नोडल अधिकारी) और रविंदर सिंह द्वारा प्रदान किया गया।