गोविन्द सागर में अवैध मछली शिकार पर बड़ी कार्रवाई

rakesh nandan

15/05/2026

गोविन्द सागर जलाशय में मत्स्य संपदा के संरक्षण और अवैध मत्स्य शिकार पर रोक लगाने के लिए मत्स्य विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह मत्स्य विभाग की टीम ने विशेष गश्त अभियान चलाते हुए अवैध मत्स्य गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान विभाग ने करीब 27 किलोग्राम अंडर साइज गिल नेट जब्त किए हैं। इसके अलावा अवैध मत्स्य गतिविधियों से जुड़े दो मामले भी दर्ज किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार प्रातः लगभग 6 बजे मत्स्य अधिकारी लठियाणी Surendra Patial और उनकी टीम ने गोविन्द सागर जलाशय क्षेत्र में विशेष निगरानी एवं गश्त अभियान चलाया। इस दौरान जलाशय के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया।

मत्स्य विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान गोविन्द सागर जलाशय के बीट नंबर-1 में केंद्रित रहा। यह क्षेत्र जलाशय के उद्गम स्थल कुनखर खड्ड से दाहिने तट पर ग्राम रायपुर और बाएं तट पर ग्राम शरत तक फैला हुआ है। विभागीय टीम ने जलाशय के विभिन्न हिस्सों में जाकर गहन निरीक्षण किया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों को कई स्थानों पर अवैध तरीके से लगाए गए अंडर साइज गिल नेट मिले। जांच के बाद इन जालों को जब्त कर लिया गया। विभाग के अनुसार करीब 27 किलोग्राम प्रतिबंधित गिल नेट बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के जाल मत्स्य संपदा के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं, क्योंकि इनमें छोटी मछलियां भी फंस जाती हैं, जिससे जलाशय में मछलियों की प्राकृतिक वृद्धि प्रभावित होती है।

अभियान के दौरान विभागीय टीम ने जलाशय में संचालित मत्स्य गतिविधियों और किश्तियों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मछुआरों से जरूरी दस्तावेज और लाइसेंस की जांच की तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि गोविन्द सागर जलाशय में अवैध मत्स्य शिकार और प्रतिबंधित जालों के प्रयोग के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि जलाशय की जैव विविधता और मत्स्य संपदा को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

सहायक निदेशक मत्स्य, मण्डल बिलासपुर Pankaj Thakur ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गोविन्द सागर जलाशय में अवैध मत्स्य गतिविधियों को रोकने के लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश मत्स्य नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने मछुआरों और स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे हिमाचल प्रदेश मत्स्य नियमों का पालन करें और जलाशय की मत्स्य संपदा के संरक्षण में विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध मत्स्य शिकार या प्रतिबंधित जालों का इस्तेमाल करता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें।

गोविन्द सागर जलाशय प्रदेश की महत्वपूर्ण मत्स्य संपदा में से एक माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में मछुआरे अपनी आजीविका के लिए मत्स्य गतिविधियों पर निर्भर हैं। ऐसे में अवैध शिकार और प्रतिबंधित जालों के इस्तेमाल से जलाशय की पारिस्थितिकी और मत्स्य उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

मत्स्य विभाग द्वारा लगातार चलाए जा रहे गश्ती अभियान से अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण होने की उम्मीद जताई जा रही है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि गोविन्द सागर जलाशय की मत्स्य संपदा सुरक्षित रह सके।