घुमारवीं में तंबाकू नियंत्रण अभियान, 25 चालान काटे

rakesh nandan

01/06/2026

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला बिलासपुर के घुमारवीं विकास खंड में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस संयुक्त अभियान के दौरान विभिन्न विभागों की टीमों ने क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण किया और तंबाकू नियंत्रण से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। अभियान के दौरान कोटपा अधिनियम, 2003 की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 25 चालान किए गए तथा 5,100 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकना, नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर नियंत्रण करना और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता को समाप्त करना था। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का मानना है कि तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन करवाकर युवाओं और विद्यार्थियों को तंबाकू की लत से बचाया जा सकता है।

इस विशेष अभियान का नेतृत्व जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक गुरूंग ने किया। वहीं खंड स्तरीय टीम का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल घुमारवीं डॉ. आशुतोष शर्मा और औषधि निरीक्षक दिनेश गौतम ने किया। अभियान में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिसका नेतृत्व मुख्य आरक्षी मनोज कुमार ने किया।

निरीक्षण अभियान के दौरान विभिन्न बाजारों, दुकानों और सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया गया। अधिकारियों ने दुकानदारों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीम ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों का निरीक्षण किया जो स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित हैं।

अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट रूप से बताया कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे क्षेत्रों में तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्हें यह भी अवगत कराया गया कि हिमाचल प्रदेश तंबाकू विक्रेता विनियमन अधिनियम, 2016 के तहत बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पादों की बिक्री करना दंडनीय अपराध है।

अभियान के दौरान दुकानदारों को खुले रूप में सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने से भी मना किया गया। अधिकारियों ने कहा कि खुले तंबाकू उत्पादों की बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि इससे युवाओं और बच्चों की पहुंच भी इन उत्पादों तक आसान हो जाती है। इसलिए इस प्रकार की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने चेतावनी दी कि तंबाकू नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन करने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू उत्पादों की बिक्री करते पाए जाने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अभियान में एसटीएफ के आरक्षी अनमोल वर्मा, अमनप्रीत, बाबू राम, लखन पाल, सुशांत गौतम और राकेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुरेंद्र कुमार और रूप लाल भी शामिल रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर कानूनों के पालन की स्थिति का आकलन किया और लोगों को जागरूक किया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू सेवन कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। इससे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यही कारण है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग तंबाकू नियंत्रण को लेकर लगातार जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चला रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे। प्रशासन का लक्ष्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक कर स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है। तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन करवाने के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी लगातार बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि समाज में तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति को कम किया जा सके।