गौतम कॉलेज में विश्व पर्यावरण दिवस पर औषधीय पौधारोपण

rakesh nandan

05/06/2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर गौतम कॉलेज ऑफ फार्मेसी में औषधीय पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित

हमीरपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गौतम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हमीरपुर में पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर के विकास और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष औषधीय पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा परिसर में विभिन्न औषधीय और पर्यावरण हितैषी पौधों का रोपण किया।

यह कार्यक्रम कॉलेज के प्रबंध निदेशक जगदीश गौतम और सचिव डॉ. रजनीश गौतम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने की। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम तलवान भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पौधारोपण के महत्व को रेखांकित करना था।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में कई प्रकार के औषधीय पौधे लगाए गए। प्रतिभागियों ने पौधारोपण के साथ-साथ इन पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी होते हैं।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में वृक्षारोपण और हरित गतिविधियों को जन आंदोलन का रूप देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को औषधीय पौधों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कई औषधीय पौधे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याओं के उपचार में उपयोगी सिद्ध होते हैं। साथ ही ये पौधे वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने और प्रदूषण को कम करने में भी मदद करते हैं।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल विश्व पर्यावरण दिवस तक ही सीमित न रहें, बल्कि वर्षभर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र यदि एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

प्रो. संजय कुमार ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा और सतत विकास के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना होगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार साझा किए और हरित परिसर निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कॉलेज परिसर में लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल की जिम्मेदारी भी विभिन्न समूहों को सौंपी गई ताकि पौधारोपण अभियान का उद्देश्य सफल हो सके।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। कॉलेज प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम, पौधारोपण अभियान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने और समाज को हरित भविष्य की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।