बड़सर में जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित
बड़सर। जनगणना-2027 के कार्य को सफलतापूर्वक और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से उपमंडल बड़सर में जागरूकता एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मिनी सचिवालय बड़सर में जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) प्रक्रिया से संबंधित जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनगणना प्रशिक्षण कार्य में तैनात किए जाने वाले शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को स्व-गणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा आम नागरिकों को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक बनाने के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को ऑनलाइन जनगणना प्रणाली, पंजीकरण प्रक्रिया तथा डिजिटल माध्यम से जानकारी दर्ज करने की विधि के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षक वर्ग को संबोधित करते हुए जनगणना-2027 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश और राज्य के विकास की आधारभूत प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वाति डोगरा ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे स्वयं भी स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लें और आम लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 1 जून से 15 जून 2026 तक उपलब्ध करवाई गई है। इस अवधि के दौरान नागरिक और परिवारों के मुखिया ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार तथा आवास संबंधी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि स्व-गणना की यह सुविधा नागरिकों को अधिक सुविधाजनक और सरल प्रक्रिया उपलब्ध कराती है। इससे लोग घर बैठे ही अपनी जानकारी सुरक्षित और सटीक तरीके से दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने सभी से निर्धारित समय सीमा के भीतर स्व-गणना पूरी करने का आग्रह किया ताकि जनगणना-2027 का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
एसडीएम ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जनगणना की सफलता के लिए आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास और अन्य विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती है। इसलिए सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश के जिला जनगणना समन्वयक अजय सोलंकी ने प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने स्व-गणना प्रक्रिया, ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेजों और डेटा प्रविष्टि संबंधी विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी जानकारियों से भी अवगत कराया।
अजय सोलंकी ने कहा कि डिजिटल माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि नागरिक 15 जून तक स्वयं अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर देते हैं तो इससे जनगणना कार्य काफी आसान हो जाएगा। साथ ही डेटा की गुणवत्ता और सटीकता भी बेहतर होगी।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डिजिटल जनगणना प्रणाली समय और संसाधनों की बचत के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्व-गणना के लाभों के बारे में जागरूक करें और अधिक से अधिक नागरिकों को इस प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास करें।
प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित अधिकारियों और शिक्षकों ने जनगणना-2027 की तैयारियों तथा स्व-गणना प्रक्रिया को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों का समाधान करते हुए जनगणना के महत्व और नागरिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया गया। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिक स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेकर सटीक और विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध कराने में योगदान देंगे।