हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज एवं स्थानीय शहरी निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक तैयारी, प्रत्याशी चयन, प्रचार अभियान और चुनावी रणनीति के स्तर पर कांग्रेस से आगे दिखाई दे रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि पार्टी ने समय रहते अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय कर दिया है, जिसका लाभ चुनावों में मिलने की संभावना है।
भाजपा द्वारा जारी चुनावी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 12 जिला परिषद, 25 नगर परिषद, 22 नगर पंचायत, 92 बीडीसी तथा 3759 पंचायतों में पार्टी ने व्यापक रणनीति तैयार की है। इन संस्थाओं के अंतर्गत आने वाले हजारों वार्डों में भाजपा ने अपने अधिकृत उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं या समर्थित प्रत्याशियों को चुनावी समर्थन दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पंचायत प्रधानों के चुनाव में भी संगठनात्मक समन्वय बनाए रखते हुए अधिकांश स्थानों पर एक ही समर्थित उम्मीदवार उतारा गया है।
नगर निगम चुनावों में भाजपा की सक्रियता विशेष रूप से देखने को मिली है। Solan, Mandi, Dharamshala और Palampur नगर निगमों के कुल 64 वार्डों में भाजपा ने कांग्रेस से पहले अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। भाजपा नेताओं का दावा है कि कई वार्डों में कांग्रेस को उम्मीदवार तय करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा ने समय रहते चुनावी तैयारियां पूरी कर ली थीं।
भाजपा का कहना है कि जिला परिषद चुनावों में भी कांग्रेस संगठनात्मक रूप से कमजोर दिखाई दे रही है। जहां भाजपा लगभग प्रत्येक जिला परिषद वार्ड में समर्थित प्रत्याशी उतार चुकी है, वहीं कांग्रेस अब तक एक समग्र सूची जारी नहीं कर पाई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि यह स्थिति कांग्रेस की कमजोर चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर कमजोर संगठन को दर्शाती है।
प्रदेश में भाजपा का प्रचार अभियान लगातार तेज हो रहा है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी Shrikant Sharma, सह प्रभारी Sanjay Tandon, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष Saudan Singh, नेता प्रतिपक्ष Jairam Thakur तथा प्रदेश अध्यक्ष Rajeev Bindal लगातार विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
भाजपा द्वारा आयोजित बैठकों, सम्मेलन, जनसभाओं और रैलियों में वरिष्ठ नेतृत्व लगातार भागीदारी कर रहा है। पार्टी के सांसद Suresh Kashyap, Rajeev Bhardwaj और Sikander Kumar भी चुनावी क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है और संगठन को मजबूती मिली है।
इसके विपरीत कांग्रेस का चुनाव प्रचार अपेक्षाकृत धीमा दिखाई दे रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता काफी देर से शुरू हुई है। मुख्यमंत्री के चुनावी दौरे भी अब जाकर प्रारंभ हुए हैं, जबकि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की प्रदेश में अब तक सीमित सक्रियता दिखाई दी है।
भाजपा ने संगठनात्मक अनुशासन के स्तर पर भी कांग्रेस की तुलना में अधिक सक्रियता दिखाई है। पार्टी की अनुशासन समिति का गठन पहले ही कर दिया गया था और चुनावों के दौरान अनुशासनहीनता पर तत्काल कार्रवाई भी की गई। Palampur नगर निगम में एक, Solan नगर निगम में चार तथा Dharamshala नगर निगम में पांच नेताओं को निलंबित किया गया। इसके अलावा सिरमौर जिला परिषद चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक निष्कासन भी किया गया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठनात्मक अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी में लगातार अंदरूनी असंतोष और शिकायतों की खबरें सामने आती रहीं, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामले में कोई ठोस कदम नजर नहीं आया।
भाजपा ने चुनावी विजन के स्तर पर भी बढ़त बनाने का दावा किया है। पार्टी Solan, Dharamshala, Palampur और Mandi नगर निगमों के लिए अपने संकल्प पत्र जारी कर चुकी है। इन संकल्प पत्रों में मूलभूत सुविधाओं, यातायात, पेयजल, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, रोजगार और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।
भाजपा ने नगर निगमों के 64 वार्डों में प्रचार टोली का गठन कर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है। घर-घर जनसंपर्क, छोटी बैठकों और वार्ड स्तर के अभियानों के माध्यम से पार्टी लगातार जनता तक पहुंच बना रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा संगठनात्मक मजबूती और प्रचार अभियान के मामले में कांग्रेस की तुलना में अधिक सक्रिय दिखाई दे रही है।