Bharatiya Janata Party के प्रदेश मीडिया संयोजक Karan Nanda ने शिमला नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सरकार और नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हर वर्ग परेशान है और अब कोरोना काल में सेवाएं देने वाले कोविड योद्धाओं को भी सड़कों पर आने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
कर्ण नंदा ने कहा कि नगर निगम द्वारा 41 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने और 270 आउटसोर्स कर्मचारियों को बदलने का निर्णय कर्मचारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर शहर को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों के साथ अब अन्याय किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह दिनों से शिमला शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है और कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे आम लोगों और पर्यटकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान शहर में गंदगी फैलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
भाजपा नेता ने कहा कि कूड़े के ढेरों के कारण बंदरों और आवारा कुत्तों का खतरा बढ़ गया है तथा महामारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है। उन्होंने सरकार से तत्काल समाधान निकालने की मांग की।
कर्ण नंदा ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करने की बजाय उन्हें दबाने और नौकरी से हटाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम कूड़ा उठाने के बिलों में बढ़ोतरी कर सकता है, लेकिन कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में सुधार नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि भाजपा कर्मचारियों, दलित समाज और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। साथ ही कांग्रेस सरकार से कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।